संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। जिले में दो निजी खेल नर्सरियों को खेल विभाग द्वारा बंद कर दिया है। इनमें मनाना गांव में संचालित खो-खो खेल नर्सरी और सुताना गांव की कबड्डी खेल नर्सरी शामिल हैं। जिला खेल विभाग के द्वारा दोनों नर्सरियों को अलग-अलग कारणों से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
मनाना की नर्सरी के लिए जहां योग्य निजी कोच उपलब्ध नहीं हो पाया, वहीं सुताना की कबड्डी नर्सरी में पंजीकरण प्रक्रिया अधूरी रह गई और खिलाड़ियों की संख्या काफी कम रही।
जिले में खेल नर्सरियों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को उनके गांव के आसपास ही बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें दूर-दराज के प्रशिक्षण केंद्रों तक न जाना पड़े। इन नर्सरियों में नियमित अभ्यास, फिटनेस प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी करवाई जाती हैं। हालांकि समय के साथ कुछ नर्सरियों में खिलाड़ियों की संख्या घटने लगी और संचालन में भी कठिनाइयां आने लगीं।
मनाना गांव की खो-खो नर्सरी लंबे समय से निजी कोच के भरोसे संचालित की जा रही थी। लेकिन कोई योग्य निजी प्रशिक्षक आगे नहीं आया। इसके कारण नियमित प्रशिक्षण प्रभावित होने लगा। और आखिर विभाग को नर्सरी बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। दूसरी ओर सुताना गांव की कबड्डी नर्सरी में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पंचायत द्वारा निर्धारित पंजीकरण भी नहीं कराया। इसके अलावा अभ्यास के लिए भी बहुत कम खिलाड़ी पहुंच रहे थे। इसी कारण इसे भी बंद कर दिया गया।
जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ऐसे में यदि इस तरह ही अनियमितताएं चलती रही तो आने वाले समय में जिले के खिलाड़ियों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
मनाना की खो-खो नर्सरी निजी कोच उपलब्ध न होने के कारण बंद की गई है, जबकि सुताना की कबड्डी नर्सरी में पंजीकरण पूरा नहीं हुआ और खिलाड़ियों की संख्या भी काफी कम रही।
-सत्यवीर पोसवाल, जिला खेल अधिकारी।