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लोगों को सता रही गर्म हवाओं के साथ भीषण गर्मी, उमस ने भी किया हाल बेहाल

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प्रदेश सहित जिले में बीते तीन दिन से गर्मी कहर बरपा रही है। दिन में चलने वाले लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं। धरती आग की भांति तप रही है। वहीं, उमस भरे वातावरण ने भी हाल बेहाल किया हुआ है। दिन में लोग घरों अथवा कार्यालयों में रहने को मजबूर हैं। मंगलवार को प्रदेश सहित जिले में राजस्थान की तरफ से धूल भरी खुश्क पश्चिमी हवाएं चलने से वातावरण में धूल की चादर चढ़ गई। दिनभर मौसम गर्म रहा और दिन के तापमान के साथ-साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
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मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश सहित जिले में पश्चिमी व उत्तर पश्चिमी धूल भरी, खुश्क व गर्म हवाएं अगले तीन दिन और चलने की संभावना है। तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। 12 जून के बाद हवाओं का पश्चिमी से पूर्वी हवाएं चलने की संभावना है जिससे मौसम में फिर से बदलाव होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी वाली पूर्वी हवाएं आने से 12 जून देर रात से प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में गरज-चमक व हवाओं के साथ 14 जून तक हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट हो सकती है।
15 के आसपास आ सकती है प्री-मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आगामी 3-4 दिनों तक गर्मी रहने के बाद झमाझम बारिश के आसार हैं। प्री-मानसून की बारिश 15 जून के आसपास शुरू हो जाएगी। लेकिन इससे पहले ही मानसून के कारण हवाओं का रुख बदलेगा और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते बारिश की संभावना है।
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मंगलवार को पानीपत का तापमान
मंगलवार को जिले के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में उछाल देखने को मिला। पानीपत का अधिकतम तापमान 42 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं। वहीं, वातावरण में नमी की मात्रा 33 तक प्रतिशत दर्ज की गई।
कृषि विशषज्ञों ने दी मौसम आधारित कृषि सलाह
मौसम खुश्क व गर्म रहने तथा तापमान में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें।
फसलों में आवश्यकतानुसार रिनाई-गुढ़ाई कर नमी को संचित करें
पिछले कई दिनों से वातावरण में नमी की अधिकता व बादलवाई रहने से फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में कीट रोगों के प्रकोप की संभावना बन जाती है। इसलिए रोजाना फसलों की निगरानी रखें व आवश्यकतानुसार इनकी रोकथाम के लिए स्प्रे करें।
धान की पौध अर्थात नर्सरी में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें व हरी खाद दें व अवांछित रोगी पौधों को निकालते रहें, ताकि स्वस्थ पौध तैयार हो सके।
7 जून से हवाओं में बदलाव होने से मौसम आमतौर पर 11 जून तक खुश्क, गर्म रहने व दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। बीच-बीच में कहीं-कहीं धूल भरी खुश्क व तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। प्रदेश में 12 जून से मौसम में फिर से बदलाव होने व बारिश होने के आसार हैं।
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-डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।
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