पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को रंगकर्मियों ने नाट की जीवंत प्रस्तुति देकर 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा को जीवंत कर दिया, साथ ही 1857 के संग्राम में प्रदेश के वीरों को श्रद्धांजलि दी। नाटक हरियाणा सरकार के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य देश की आजादी की पहली लड़ाई में हरियाणा के वीर सपूतों, आमजन और किसानों के अमूल्य योगदान को जनमानस तक पहुंचाना रहा। नाटक के मंचन के दौरान कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से उन वीर जवानों की शौर्यगाथा को प्रस्तुत किया। इनका योगदान इतिहास के पन्नों में या तो दर्ज नहीं है या बहुत कम उल्लेखित है। प्रस्तुति ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि 1857 का संग्राम केवल कुछ सैनिकों तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें हरियाणा की धरती से जुड़े किसान, कारीगर, व्यापारी और आम नागरिक भी पूरे साहस और समर्पण के साथ शामिल हुए थे।
एसडी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने नाटक की सराहना की। एसडी कॉलेज के प्रधान दिनेश गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर डीआईपीआरओ सुनील बस्ताडा, एआईपीआरओ दीपक पाराशर मौजूद रहे।