पानीपत। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग टीमें फील्ड में शिविर लगाकर नए रोगियों को चिह्नित कर रही हैं। सोमवार को महमूदपुर गांव में शिविर लगाया गया है। यहां 110 लोगों की जांच की गई। चार नए टीबी के रोगी मिले। इस साल टीबी के रिकॉर्ड रोगी मिल सकते हैं।
इस साल टीबी के रोगी पिछले साल की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। 2023 में टीबी के 4475 रोगी मिले थे। इस साल एक जनवरी से 31 अक्तूबर तक टीबी के 4750 रोगी मिल चुके हैं।
इस साल प्रति माह औसतन टीबी के 528 रोगी मिल रहे हैं। पिछले साल प्रति माह टीबी के रोगियों की मिलने की औसत 372 थी, यानि इस वर्ष टीबी के रोगियों की मिलने की रफ्तार पिछले वर्ष की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक है टीबी के रोगियों की मौत के आंकड़े में कमी लाने में स्वास्थ्य विभाग काफी हद तक कामयाब हुआ है।
पिछले साल हर माह टीबी से नौ लोगों की मौत हो रही थी। इस वर्ष प्रति माह चार लोगों की टीबी से मौत हो रही है। इन 10 माह में टीबी से 49 लोगों की मौत हो चुकी है। यह पिछले साल के मुताबिक काफी कम है।
पिछले साल टीबी से 112 लोगों की मौत हो गई थी। अब जिले में लगभग पांच हजार लोग टीबी ग्रस्त हैं। इनमें से अधिकतर औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्ररियों में काम करने वाले श्रमिक हैं। पिछले छह साल में टीबी से जिले में 720 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 21 गांवों को टीबी मुक्त घोषित भी किया है।
जिले में इलाज की व्यवस्था
- 01 जिला क्षय केंद्र
- 06 टीबी यूनिट (जांच व दवा)
- 12 माइक्रोस्कोपिक केंद्र (जांच केंद्र)
- 175 गांवों में ट्रीटमेंट सुपरवाइजर
वर्जन
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। उनकी उद्यमियों व समाजसेवियों से अपील है कि वह भी टीबी रोगियों को गोद लें। टीबी रोगियों से अपील है कि वह इलाज बीच में न छोड़े। जिन लोगों को नियमित खांसी है। जिनका वजन गिर रहा हो और अधिक पसीना आ रहा हो, वह अपनी टीबी जांच अवश्य करवाएं। संपन्न लोगों से अपील है कि वह टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए आगे आएं।