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पौने चार करोड़ खर्च पर भर नहीं सके गड्ढे

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ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जगन्नाथ विहार का रास्ता। - फोटो : Panipat
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पानीपत। प्रदेश की हर सड़क को गड्ढ़े मुक्त करने के सरकार के सपने पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी फिर गया। निगम ने सड़कों के लिए पौने चार करोड़ के 13 टेंडर भी लगाए, लेकिन सड़कों को पूरी तरह गड्ढ़ों से मुक्त नहीं किया जा सका। ये टेंडर पैथहोल फीलिंग एवं पैचवर्क के थे। निगम ने खानापूर्ति की, लेकिन इन सड़कों की मरम्मत नहीं की जा सकी।
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निगम का दावा है कि एरिया में 978 किलोमीटर लंबी सड़कें व गलियां हैं। इन्हें गड्ढ़े मुक्त करने के लिए पैचवर्क के टेंडर लगाए हैं। ज्यादातर गलियों को अमरूत योजना के तहत सीवर और पानी की पाइपलाइन के लिए उखाड़ा जा चुका है जिनको अमरूत एजेंसी ही दुरुस्त करने का काम करेगी। इसके अलावा शहर में निगम एरिया के अंदर आठ सड़के हैं। इनकी लंबाई करीब 26 किलोमीटर है। इनमें से भी कुछ सड़कें नेशनल हाईवे अथॉरिटी और कुछ पीडब्ल्यूडी के अधीन हैं। बची हुई सड़कों की मरम्मत निगम आज नहीं करवा सका हैं जबकि नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाया जाना था।
दूसरी हैरान करने वाली बात ये है कि निगम के अधीन कुछ रोड या गलियां ऐसी भी हैं, जिनको पैचवर्क या पैथहोल फीलिंग की जरूरत थी। इनकी मरम्मत नहीं कराई और नए निर्माण के टेंडर लगा दिए हैं। निगम ने 2021 में इस काम के लिए सात टेंडर लगाकर इनके वर्क ऑर्डर जारी कर दिए। वहीं, चार टेंडरों को अक्तूबर 2021 में लगाया। इसके अलावा एक टेंडर को दो साल पहले 2019 में लगाया गया था। सभी टेंडरों की लागत करीब पौने चार करोड़ रुपये बनती है।
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ये हैं शहर के मुख्य रास्ते
नेशनल हाई-वे और मुख्य राजमार्ग
निगम ने जीटी रोड को एनएचआई के अधीन बताया है। वहीं गोहाना रोड, जाटल रोड और असंध रोड को पीडब्ल्यूडी के अधीन दिखाया है। इनसे जुड़े मुख्य रास्ते जो मॉडल टाउन, सेक्टर 6, 13-17 और सेक्टर 25 की ओर निकलते हैं उनको निगम के अधीन बताया गया है।
मॉडल टाउन में निगम ने सड़क की लंबाई को 4.5 किलोमीटर दर्शाया है। बबैल रोड को पीडब्लयूडी के अधीन बताते हुए इस रास्ते पर सीवर लाइन बिछाने का काम अमरूत योजना की एजेंसी को दिया है, जिसे एजेंसी ही पूरा करके देगी। इसकी लंबाई 3.5 किलोमीटर बताई गई है। इसके अलावा उझा रोड को 2.5 किलोमीटर लंबा दिखाया गया है। इसके 300 मीटर लंबे टुकड़े को कोर्ट केस का हवाला देकर छोड़ा गया है।
इसके अलावा एक किलोमीटर लंबे रिसालू रोड पर भी अमरूत का काम चलने से इस पर भी मरम्मत नहीं की जा सकी। सेक्टर 6 के एक किलोमीटर लंबे रोड की रिपेयरिंग निगम ने करवाने का दावा किया है। सेक्टर 13-17 के रोड को भी मानसून के बाद कवर करवाने का दावा किया गया था। जिसकी लंबाई 4.5 किलोमीटर दिखाई गई थी। सेक्टर 25 के 6.68 किलोमीटर लंबे रोड को ज्यादा खस्ता हाल बताते हुए इसका 2.249 का टेंडर लगवाने की बात कही गई, जो फंड की वजह से पास नहीं हो पाया।
वर्जन-
लगातार चल रहा है पैचवर्क का काम
नगर निगम के अधीन आने वाले रास्तों का पैचवर्क और पैथहोल फीलिंग का काम चल रहा है। जहां से भी शिकायतें मिलती हैं, वहां तुरंत प्रभाव से मरम्मत कराई जाती है। -नवीन सहरावत, एक्सईएन, नगर निगम, पानीपत।

खस्ताहाल में देवी मंदिर की तरफ जाने वाला रोड।- फोटो : Panipat

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