पानीपत। पानीपत में कोरोना की तीसरी लहर का चरम गुजर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना की तीसरी लहर का खतरा एक माह तक था। इस दौरान प्रतिदिन 140 की औसत से कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस वक्त संक्रमण दर महज पांच प्रतिशत रह गई है वहीं ठीक होने वालों की संख्या भी दोगुने से अधिक हो गई है।
बीती 10 से 20 जनवरी के बीच सबसे अधिक 253 की औसत से संक्रमित मिले थे। 23 दिसंबर 2021 से अब तक 4224 संक्रमित आ चुके हैं, इनमें से 2845 लोग ठीक हो चुके हैं। बीती 20 जनवरी तक संक्रमण दर 19.8 प्रतिशत थी, जो 21 से 28 जनवरी तक महज पांच प्रतिशत रह गई है। डॉक्टरों के अनुसार, फरवरी के पहले सप्ताह में कोरोना के रोगियों की औसतन संख्या 40-50 के बीच में आने की उम्मीद है।
कोरोना टीकाकरण के कारण जिले के 82 प्रतिशत लोगों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित हो चुकी है। फिलहाल जिले के 140 निजी अस्पतालों में कोरोना से संक्रमित सिर्फ तीन मरीज ही दाखिल हैं। किसी भी अस्पताल में कोरोना का मरीज वेंटिलेटर या आईसीयू में नहीं है।
इस लहर की चपेट में अधिक आए ग्रामीण
कोरोना की तीसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्र के लोग अधिक संक्रमित हुए हैं। 22 दिसंबर 2021 से अब तक कोरोना के 4224 केस मिले हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की संख्या 2310 है, जबकि शहरी क्षेत्र के 1914 लोग हैं। कोरोना की पहली व दूसरी लहर में शहरी क्षेत्रों के लोग अधिक संक्रमित हुए थे। इस लहर में कोरोना से एक युवती समेत तीन की मौत हुई है, ये भी शहरी क्षेत्रों के रहने वाले थे। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक 550 संक्रमित रिफाइनरी टाउनशिप, समालखा और इसराना क्षेत्र से आए।
हर 20 संक्रमितों में एक बच्चा रहा
कोरोना की तीनों लहर में अब तक 16 साल से कम आयु के 4890 बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। गनीमत है कि बच्चों का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत है। 16 साल से कम आयु के किसी बच्चे की कोरोना से अब तक मौत नहीं हुई है। कोरोना की तीसरी लहर में अब तक 16 साल से कम आयु के 292 बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। 20 मरीजों में एक बच्चा कोरोना संक्रमित मिल रहा है।
कोरोना संबंधी आंकड़ा
जिले में कोरोना के कुल मरीज- 35,369
कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या- 33,343
कितने लोगों की कोरोना जांच हुई- 5,02,744
कोरोना से कितने लोगों की मौत-645
कोरोना के केस में एकाएक कमी आई है, फिर भी सर्तकता जरूरी
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों के अलग-अलग मत है। ऐसा आभास है कि कोरोना का पीक लगभग गुजर चुका है। अब कोरोना के नए रोगियों से अधिक ठीक होने वाले लोगों की संख्या अधिक है। इस बार कोरोना से मानव शरीर को बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है। हमें फिर भी कोरोना के खिलाफ सतर्क रहना होगा। - डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन