समागम में मुख्यमंत्री को सम्मानित करते कॉओर्डिनेटर व सेवादार। संवाद
पानीपत/समालखा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि निरंकारी मिशन ने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेद से ऊपर उठकर मानव को एकता का मार्ग दिखाया है। मिशन ने वर्षों से समाज में प्रेम एकता मानवता और ईश्वर ज्ञान का संदेश फैलाया है। जब भी इस तरह के कार्यक्रमों में श्रद्धालु एक छत के नीचे एक नाम और एक भावना के साथ एकत्रित होते हैं तब यह धरती शांति और करुणा की जीवंत मिसाल बन जाती है। ये विचार उन्होंने रविवार को समालखा के भोड़वाल माजरी में आयोजित 78वें निरंकारी संत समागम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इससे पहले उन्होंने सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता रमित से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समागम में आत्ममंथन करने का अवसर मिला है। यह अवसर हम सबको निरंकार के और निकट लेकर आएगा। आत्ममंथन का अर्थ है कि अपने अंतर्मन में उतरकर यह देखना कि जो भी कर्म किया जा रहा हैं वह किसी के लिए नुकसानदायक तो नहीं है। निरंकारी मिशन परमात्मा की पहचान कराता है। हमें हर इंसान में प्रभु का अंश दिखाई देना चाहिए। ऐसी स्थिति में किसी प्रकार का भेद नहीं होता और न ही किसी प्रकार की दूरी नजर आती है। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन केवल आध्यात्मिक ही नहीं बल्कि समाजसेवा में भी अग्रणी है। मिशन के रक्तदान शिविर, पौधरोपण अभियान, शिक्षा में सहायता और आपदा प्रबंधन के कार्यों में विशेष योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि सच्चा सेवक हमेशा दूसरों के लिए जीता है। मिशन ने इस बार आत्ममंथन के साथ पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति और जन कल्याण से जुड़ी कई गतिविधियां शुरू की हैं। मिशन ने देश के साथ पूरे विश्व में पहले मनुष्य बनो का संदेश दिया है। कार्यक्रम में निरंकारी संत समागम के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को शॉल भेंटकर उनका सम्मान किया। इस मौके पर पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना, भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया व पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह उपस्थित रहे। ब्यूरो
समागम में मुख्यमंत्री को सम्मानित करते कॉओर्डिनेटर व सेवादार। संवाद