पानीपत। सिविल जज जूनियर डिवीजन हिमानी गिल की कोर्ट ने प्रॉपर्टी टैक्स के मामले में अदालत के आदेश की अवमानना करने और अदालत में पेश न होने पर नगर निगम आयुक्त को तलब किया है।
अदालत ने साथ ही निगम आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें साफ कहा है कि क्यों ने आपके खिलाफ कोर्ट की अवमानना करने और आदेशों की अनुपालन न करने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। अदालत ने निगम आयुक्त को 15 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
नूरवाला के रूप चंद ने सिविल जज जूनियर डिवीजन हिमानी गिल की अदालत में निगम अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना करने और पूर्व में एडीजे की कोर्ट की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुपालन के लिए याचिका दाखिल की थी। वर्ष 2010 में नगर निगम ने नोटिफिकेशन जारी किया था कि नूरवाला को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है। नूरवाला में रूपचंद का एक प्लॉट था जिसमें उन्होंने एक चक्की लगा रखी है। 2020 में नगर निगम ने रूपचंद को 2.68 लाख रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस दिया था। जिसमें कहा गया था कि 2010 से 2020 तक का प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं किया गया।
रूपचंद ने प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस के बाद नगर निगम अधिकारियों को प्रार्थनापत्र सौंपकर प्रॉपर्टी टैक्स पर आपत्ति जताई थी और सही करने की मांग की थी। लेकिन,निगम अधिकारियों ने उनके प्रार्थनापत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल कर दी लेकिन मई 2023 में अदालत ने उनके खिलाफ आदेश दे दिया। जिसके बाद उन्होंने सत्र न्यायालय में अपील की। जिसकी सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 27 फरवरी 2024 को 2.68 लाख रुपये नोटिस को रद्द कर दिया और नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिए कि पहले रूपचंद के प्रार्थना पर कार्रवाई की जाए। ब्यूरो