जिला उपभोक्ता आयोग का आदेश, कार मालिक को मानसिक प्रताड़ना के 11 हजार और कानूनी खर्च के 5,500 रुपये भी देने होंगे
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नई मारुति स्विफ्ट कार की पहली फ्री सर्विस के दौरान ही उसका पर्ल आर्कटिक व्हाइट रंग पीला पड़ने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सर्विस सेंटर को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने आरकेएच ऑटोमोबाइल (ऑटो गैलरी) को अपने खर्च पर कार को उसके मूल रंग में दोबारा पेंट कराने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही कार मालिक को मानसिक परेशानी के लिए 11 हजार रुपये मुआवजा और कानूनी खर्च के रूप में 5,500 रुपये देने होंगे। आयोग ने आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने को कहा है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर संबंधित राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
यह फैसला आयोग के अध्यक्ष डॉ. आरके डोगरा, सदस्य डॉ. रेखा चौधरी और विनीत कौशिक की पीठ ने सुनाया।
पहली सर्विस के दौरान पीला पड़ गया था रंग
असंध रोड स्थित कच्चा कैंप के न्यू बसंत नगर निवासी सचिन ने अप्रैल 2022 में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त 2021 को झट्टीपुर स्थित आरकेएच ऑटोमोबाइल (ऑटो गैलरी) से नई मारुति स्विफ्ट कार खरीदी थी। 30 नवंबर 2021 को वह कार की पहली फ्री सर्विस कराने सर्विस सेंटर पहुंचे। कुछ देर बाद सेंटर से फोन आया कि कार का रंग पीला पड़ गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कर्मचारियों ने दो दिन में रंग ठीक करने का आश्वासन दिया, लेकिन इसके बाद भी कार का रंग पहले जैसा नहीं हुआ। आरोप है कि रंग ठीक करने के नाम पर सर्विस सेंटर की ओर से एक लाख रुपये की मांग की गई।
विशेषज्ञ की रिपोर्ट में केमिकल रिएक्शन की आशंका
सचिन के अनुसार, 14 दिसंबर 2021 को एशियन पेंट्स के विशेषज्ञ ने कार का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में बताया गया कि सर्विसिंग के दौरान धुलाई या केमिकल रिएक्शन के कारण कार की बॉडी पर पैच बन गए और रंग पीला पड़ गया। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने मामले में सर्विस सेंटर को कार उसके मूल पर्ल आर्कटिक व्हाइट रंग में अपने खर्च पर दोबारा पेंट कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए कुल 16,500 रुपये अदा करने का आदेश दिया है।