इसराना। डिडवाड़ी गांव के एक व्यक्ति के डाहर गांव की शुगर मिल के नजदीक जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के मामले में कुछ ही घंटे बाद नया मोड़ आ गया। पहले मृतक के चाचा सुरेश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सोनू अपनी 16 वर्षीय बेटी के अचानक गायब होने से परेशान था। इसी वजह से उसने जहर निगल कर आत्महत्या कर ली। चाचा की शिकायत में किसी को सोनू की मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था। जबकि मृतक की माता ने मृतक के चाचा के दिए बयानों को नकार दिया है। उन्होंने अपनी पुत्रवधू और गांव के एक व्यक्ति को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया है। थाना इसराना पुलिस ने इसमें दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मृतक सोनू की मां सरोज ने थाना इसराना पुलिस को दूसरी शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी गांव के ही युवक संजय के साथ कहीं बाहर चली गई थी। वह दो माह बाद लौटी थी। इस बारे में समालखा थाने में मामला दर्ज कराया था। बाद में मृतक सोनू की 16 वर्षीय बेटी भी अचानक गायब हो गई। यह मामला समालखा थाने में ही दर्ज कराया था। दोनों मामलों की वजह से सोनू परेशान रहने लगा था। इसी वजह से उसने जहर निगल कर आत्महत्या की है। मृतक की माता ने बताया कि सोनू उसका इकलौता बेटा था।
मृतक की माता सरोज का आरोप है कि उसके बेटे की मौत की जिम्मेदार उसकी पुत्रवधू सीमा और उसके साथ जाने वाला संजय है। पीड़िता ने दोनों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। मृतक की माता सरोज की शिकायत पर पुलिस ने मृतक की पत्नी सीमा व संजय के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी बलराज ने बताया कि सोनू आत्महत्या मामले में मृतक की माता सरोज की दी गई शिकायत में पुत्र की मौत के लिए पुत्रवधू सीमा व संजय को जिम्मेदार माना गया है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।