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Panipat News: धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का दिया संदेश

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श्री सनातन धर्म मंदिर में भजन-कीर्तन करती महिलाएं। स्रोत : सभा
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पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में रविवार को पुरुषोत्तम मास मलमास कथा का पंद्रहवां दिन रहा। कथा वाचक पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने भगवान हरि विष्णु और पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन किया और सभी को धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा के बाद महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया।
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उन्होंने भक्तों को बताया कि जब सूर्य की संक्रांति न होने के कारण इस महीने को मलमास या अधिमास कहकर समाज में अछूत मान लिया गया, तब निराश होकर मलमास भगवान विष्णु की शरण में वैकुंठ लोक पहुंचा। मलमास ने रोते हुए भगवान से कहा कि प्रभु संसार में हर महीने के कोई न कोई स्वामी हैं, लेकिन मेरा कोई स्वामी नहीं है, इसलिए सब मेरी निंदा करते हैं। शास्त्री ने आगे बताया कि शरणागत वत्सल भगवान विष्णु ने दयाद्र होकर मलमास का हाथ पकड़ा और उसे गोलोक में भगवान कृष्ण के पास ले गए। भगवान कृष्ण ने मलमास की व्यथा सुनकर उसे अपना सबसे प्रिय नाम पुरुषोत्तम प्रदान किया और कहा कि अब से मैं इस महीने का स्वामी हूं। जो भी इस महीने में मेरी भक्ति, दीपदान, और कथा श्रवण करेगा, उसे साक्षात मेरा आशीर्वाद प्राप्त होगा। मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने कहा कि कथा के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागृति और धार्मिक चेतना का प्रसार हो रहा है। कथा के विश्राम पर आरती की गई। कार्यक्रम समापन पर श्रद्धालुओं में विशेष प्रसाद वितरित किया गया।

श्री सनातन धर्म मंदिर में भजन-कीर्तन करती महिलाएं। स्रोत : सभा

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