दीपेन्द्र कुमार
पानीपत। आधुनिक जीवनशैली की दौड़ में पति-पत्नी के बीच रिश्तों की डोर लगातार कमजोर हो रही है। हालत यहां यहां तक खराब हो चुके हैं कि छोटी-छोटी बात पर मनमुटाव होने से पति-पत्नी अलग रहने का फैसला कर रहे हैं। उनके इस फैसले का असर बच्चों की जिंदगी पर पड़ रहा है।में ऐसे कई उदाहरण सामने आ चुके हैं। पत्नी और पति के बीच हुए विवाद में दो भाइयों का प्यार बंट गया। एक पिता के पास है और दूसरा मां के पास। हैरत की तो यह है कि छोटा भाई अपने बड़े भाई और पिता को पहचानता तक नहीं।
पानीपत के मतलौडा थाना क्षेत्र की एक महिला की शादी सोनीपत के गोहाना में 2010 में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं बड़े बेटे की उम्र 10 साल और छोटे की उम्र पांच साल है। पति-पत्नी के बीच तीन साल पहले विवाद शुरू हो गया। जिसके बाद वह अपने पति से अलग होकर मायके में रहने लगी। बड़ा बेटा पिता के साथ तो छोटा बेटा मां के पास है। तीन साल से दोनों भाईयों ने एक दूसरे को नहीं देखा। पिता के पास रह रहे बेटे को मां और माता के पास रह रहे बेटे को पिता का प्यार नहीं मिल पा रहा। वहीं, दोनों भाई भी एक दूसरे के प्यार से वंचित हैं। अब यह मामला महिला एवं बाल कल्याण संरक्षण विभाग तक पहुंचा। दोनों पक्षों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया जा रहा है। जिससे बच्चों के खातिर परिवार को मिलाया जा सके।
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माता-पिता के झगड़े में अनपढ़ रह गए बच्चे
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में 13 जुलाई को ऐसा ही एक मामला पहुंचा। पानीपत शहर की एक महिला का विवाह 2005 में दिल्ली में हुआ था। उनके तीन बच्चे दो बेटे और छोटी बेटी है। पति-पत्नी के बीच शुरूआत से ही झगड़े होते रहे। जिस कारण महिला कभी अपने मायके तो कभी ससुराल में रही। जिस कारण उसके दो बेटे स्कूल तक नहीं जा पाए और अनपढ़ ही रहे गए। महिला अब पांच साल से पानीपत में रह रही है और 10 साल की बेटी को स्कूल में दाखिल कराया है।
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लगातार पहुंच रहे इस तरह के मामले
महिला संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उनके पास लगातार इस तरह के मामले आ रहे हैं। जिसमें माता-पिता मामूली बात पर अलग हो जाते हैं। जिसका असर उनके बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चों की परवरिश सही प्रकार ने नहीं होती। पिछले तीन-चार माह में ही इस तरह के 20 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।