पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल में तत्कालीन उप सिविल सर्जन डाॅ. शशि गर्ग के कार्यालय पर लगा ताला मंगलवार को 70 दिन बाद खुला। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेश के निर्देश पर गठित कमेटी की देखरेख में ताला खोला गया। मामला बढ़ने पर उप सिविल सर्जन ने कार्यालय की चाबी पानीपत भेज दी थी। कमेटी ने इसी चाबी से कार्यालय को खोला। यहां बरामद रिकार्ड की रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की गठित कमेटी की देखरेख में मंगलवार दोपहर बाद करीब एक बजे तत्कालीन उप सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग के कार्यालय पर पहुंची। बताया जा रहा है कि डाॅ. शशि गर्ग ने मामला उठने के बाद मंगलवार को ही चाबी भेज दी थी। कमेटी की देखरेख में वीडियोग्राफी कराकर ताले को खुलवाया। कमेटी ने कार्यालय में मिले सामान व फाइलों की रिपोर्ट बनाई। यह सब सीएम डॉ. विजय मलिक को दी। सीएमओ रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगे। इस दौरान जिला नागरिक अस्पताल में दृश्य देखने वाला रहा। अस्पताल में दवा लेने आए मरीज भी इसको देखने पहुंच गए। वहीं ओपीडी में भी पूरा दिन मरीजों की लाइन लगी रही।
यह है मामला
उप सिविल सर्जन का डॉ. शर्श गर्ग का एक फरवरी को पानीपत से नारनौल तबादला हो गया था। उनको उस समय रिलीव नहीं किया गया। मामला निदेशालय पहुंचने के बाद 28 मार्च को तत्कालीन सिविल सर्जन ने उनको रिलीव कर दिया। वे उसी दिन अपने कार्यालय को ताला लगाकर चाबी अपने साथ ले गई थीं। कार्यालय पर तब से ताला लगा हुआ था। इसके साथ अपना चार्ज भी नहीं दिया और न ही सरकारी सामान सौंपकर एनओसी ली। उनकी जगह आए उप सिविल सर्जन को कार्यालय नहीं मिल पाया था। उनको अन्य चिकित्सकों के कार्यालय में बैठकर काम करना पड़ रहा था। सिविल सर्जन डाॅ. विजय मलिक ने कार्यालय की चाबी के लिए तत्कालीन उप सिविल सर्जन और नारनौल के सिविल सर्जन को पत्र लिखे। इसके बाद भी चाबी नहीं दी तो यह मामला स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के संज्ञान में डाला गया। महानिदेशक ने कमेटी बनाकर ताला खुलवाने के आदेश दिए।
वर्जन
उप सिविल सर्जन के कार्यालय का ताला खुलवा दिया गया है। यह पूरा कार्य कमेटी की देखरेख में कराया और इसकी वीडियोग्राफी कराई गई। ताले की चाबी डाॅ. शशि गर्ग ने भिजवा दी थी। इसी चाबी से कमेटी की देखरेख ताला खोला गया। कार्यालय कक्ष रखे सामान की रिपोर्ट बनाई गई है।
डाॅ. विजय मलिक, सीएमओ।