फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: जेबीएम को सदन का दिया आखिरी अल्टीमेटम भी पूरा, डंपिंग स्टेशन शिफ्ट नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। शहर से डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी जेबीएम से शहर के लोग परेशान हैं। इन सबके बीच नगर निगम अधिकारी एजेंसी पर पूरे मेहरबान हैं। वे एजेंसी को बार-बार छूट दे रहे हैं। निगम सदन ने दो माह पहले बैठक में जेबीएम को आखिरी बार सेक्टर 25 का अस्थायी कूड़ा डंपिंग स्टेशन का अल्टीमेटम दिया था। इसमें एजेंसी के अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। 20 मई को निगम का अल्टीमेटम पूरा हो गया, लेकिन अब तक डंपिंग स्टेशन को शिफ्ट नहीं किया जा सका है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस बार जेबीएम पर कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे को नगर निगम सदन की बैठक से लेकर स्वच्छता कमेटी और आयुक्त के सामने भी रखेंगे। इसके बाद कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन

नगर निगम ने जेबीएम को सेक्टर-25 में जिमखाना क्लब के सामने कूड़ा डंपिंग स्टेशन को शिफ्ट करने के लिए सिवाह गांव में एसटीपी के पास करीब दो एकड़ जमीन अलॉट की है। यहां दो बार डंपिंग यार्ड को शिफ्ट करने का एजेंसी को अल्टीमेटम दिया जा चुका है, लेकिन एजेंसी शहर के बीचोबीच लगे इस कूड़े के ढेर को शिफ्ट नहीं करा पाई है। आज भी यहां कूड़े के ढेर लगे हैं। यहां पानी भरने से भयंकर बदबूदार माहौल बन गया है।
हाल ही में मेयर के खुले दरबार में भी कूड़ा डंपिंग यार्ड को शिफ्ट कराने के लिए शिकायत दी गई थी। मेयर ने वहां का दौरा भी किया था, लेकिन निगम की मेहरबानी से एजेंसी पर कार्रवाई नहीं होती। उल्टा इन पर लगाया गया जुर्माना माफ कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
विज्ञापन

एजेंसी को जमीन पर फ्लोरिंग की जानी थी। इसके चारों ओर दीवार बननी थी। शेड तैयार होना था, लेकिन एजेंसी अब तक यह काम पूरा नहीं कर पाई है। यहीं पर गीलेे-सूखे कूड़े को अलग अलग करने के लिए एमआरएफ सेंटर बनाना था। इसके साथ कूड़ा छंटनी की मशीन भी लगानी थी, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है।
नगर निगम ने पहले भी एजेंसी को जगह दी थी। सबसे पहले बरसत रोड पर कृपाल आश्रम के पास दो करीब दो एकड़ जमीन दी। इसके बाद चौटाला रोड पर करीब ढाई एकड़ जमीन दी गई, लेकिन यहां भी एजेंसी कूड़ा शिफ्ट नहीं करा सकी। इसके बाद सिवाह एसटीपी पर जगह दी, लेकिन यहां भी एजेंसी फेल साबित हुई।
एजेंसी को दिए गए अल्टीमेटम की अवधि पूरी हो चुकी है। अब निगम आयुक्त और कमेटी के साथ बैठकर एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। अबकी बार एजेंसी को कोई ढील नहीं दी जाएगी।
- संजीव दहिया, पार्षद एवं प्रधान, स्वच्छता कमेटी।
अगर एजेंसी ने अबकी बार भी नियमानुुसार काम नहीं किया तो इस मुद्दे पर आयुक्त और पार्षदों से मिलकर विचार किया जाएगा। इसमें जो भी फैसला होगा, उस पर अमल किया जाएगा।
विज्ञापन

- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें