पानीपत। शहरवासियों की सुविधाओं के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं लेकिन निगम अधिकारियों की लेटलतीफी और लापरवाही की वजह से ये योजनाएं शहर में लागू ही नहीं हो पा रही हैं। जिससे शहरवासियों को निगम में सिर्फ धक्के खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। यहां तक की जानकारी तक लेने के लिए अफसरों की सिफारिश करनी पड़ती है।
सरकार ने अवैध भूखंडों को विनियमित करने और नए भूखंडों के विभाजन को लिए सब डिविजन पॉलिसी लागू की थी लेकिन निगम ने इसे शहर के लोगों के लिए लागू ही नहीं किया। अब तक न निगम की दीवारों पर इसकी जानकारी चस्पा की गई है और न ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। अफसरों का कहना है कि निगम आयुक्त के आने के बाद ही इसका फैसला होगा। पहले अफसरों ने शहरवासियों को सोमवार तक आश्वासन दिया लेकिन अब स्पष्ट तौर पर मना कर दिया। कहा जा रहा है कि योजना के लिए सक्षम अधिकारी आयुक्त ही हैं। उनके आने के बाद ही प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए सरकार ने सिर्फ छह माह का समय निर्धारित किया है। जो रोजाना घटता ही जा रहा है। योजना के मुताबिक आवासीय योजानाओं के तहत बसी 15 कॉलोनियों के हजारों लोगों को इसका फायदा होना था, जो अटक गया है। दूसरी ओर याशी के सर्वे के लागू न होने का हवाला देकर नई प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जा रही है। यहां तक की पुराने आवेदनों को भी सीधे रिजेक्ट किया जा रहा है। इससे शहरवासियों को अपनी संपत्तियों की एनडीसी नहीं मिल पा रही है। जिससे उनकी रजिस्टरियां तो रुक ही गई हैं साथ में सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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तत्काल समाधान विकल्प भी नहीं शुरू
अब सरकार ने दो दिन में नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए एनडीसी पोर्टल पर तत्काल समाधान योजना लागू की थी। इसमें दिए गए विकल्प पर आवेदन करने के बाद पांच हजार रुपये की फीस देकर दो दिन में प्रॉपर्टी आईडी बनवाई जा सकती थी। लेकिन ये विकल्प पोर्टल पर दिखता तो है लेकिन यहां लागू नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि ये विकल्प सिर्फ नई प्रॉपर्टी आईडी या याशी के सर्वे पर ही लागू होगा। इससे भी शहरवासियों को खासी परेशानी हो रही है। वहीं, निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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आयुक्त के आने के बाद होगा फैसला- जेडटीओ
ज्यादतर उलझन याशी का सर्वे लागू न होने की वजह से हो रही है। सर्वे लागू होने के बाद पोर्टल पर तत्काल समाधान का काम करेगा। तब तक नई आईडी बनाने का काम रोका गया है। दूसरी ओर सब डिविजन पॉलिसी की तैयारी की जा रही है। आयुक्त के आने के बाद सभी प्रकार के कामों और उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
समयपाल सिंह, जेडटीओ, नगर निगम।