पानीपत। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) की राज्यव्यापी हड़ताल शुक्रवार रात स्थगित कर दी गई। सरकार ने यूनियन की 18 में से 17 मांगों को स्वीकार कर लिया, जबकि नियमितीकरण से जुड़ी एक मांग पर हाईकोर्ट के निर्णय की समीक्षा के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी के साथ शुक्रवार शाम छह बजे पानीपत के सरकारी विश्राम गृह में बैठक शुरू हुई। बैठक में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बसाऊराम, महासचिव विनोद कुमार, जिला प्रधान जोगिंद्र सिंह, मुखपाल सिंह और राजेश सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
सरकार और यूनियन के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक दो दौर में बातचीत चली। बैठक के बाद यूनियन नेताओं ने हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की। गौरतलब है कि 15 मई से यह हड़ताल चल रही थी।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बसाऊराम ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पिछले 15 दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे। सरकार के समक्ष सभी मांगें रखी गई थीं और अब अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है। उन्होंने इसे सफाई कर्मचारियों की एकजुटता की जीत बताया।
पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सरकार हर वर्ग की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से काम कर रही है। सफाई कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को मान लिया गया है। नियमितीकरण की मांग पर हाईकोर्ट के निर्णय के आधार पर सरकार समीक्षा करेगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
यूनियन ने इसके बाद हड़ताल को वापस लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सबकी मांगों को पूरा किया जा रहा है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बसाऊराम ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया है। यह सफाईकर्मियों की एकजुटता की जीत है।
ये हैं प्रमुख मांग
मासिक वेतन 26 हजार रुपये किया जाएं।
कच्चे कर्मचारियों को जल्द से जल्द पक्का किया जाए।
31 दिसंबर 2005 के उच्च न्यायालय के आदेश का अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए।
प्रत्येक गांव में 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी लगाया जाए।
न्यूनतम वेतन मुख्यमंत्री द्वारा घोषित तुरंत लागू करवाया जाए।
वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता, औजार खरीद के लिए भते में बढ़ोतरी की जाये।
एक्सग्रेशिया पॉलिसी लागू की जाए और मृतक कर्मचारियों के परिजन को पक्की सरकारी नौकरी दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख रुपये और पक्की नौकरी दी जाएं।
सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपये और ग्रेज्युटी का लाभ दिया जाएं।