माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सिविल जज जूनियर डिवीजन रूपा की कोर्ट ने आर्य बाल भारती स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्या और पूर्व प्रधान को कोर्ट की अवमानना में दोषी करार दिया है। दोनों को एक महीने की साधारण सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला दो अध्यापिकाओं के हटाने के एक फैसले की अवमानना पर केस की सुनवाई करते हुए सुनाया है।
मामले के अनुसार आर्य बाल भारती स्कूल के 13 शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया था। उन्होंने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने उनके हटाने पर रोक लगा दी थी। अध्यापिका अंजना और अनीता का आरोप है कि प्रबंधन ने कोर्ट के आदेश के बाद भी उनको नौकरी से निकाल दिया। कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई की। इसमें 18 पेज का आदेश जारी किया। जिसमें स्कूल की तत्कालीन प्रधानाचार्या रेखा और प्रधान रमेश को दोषी करार दिया है। पूर्व उप प्रधान अभय और पूर्व उप प्रधानाचार्या सरला के हस्ताक्षर नहीं मिलने पर बचाव रहा। कोर्ट ने कहा कि न्यायालय के दिनांक 31 मई 2017 के किसी भी निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन सभी उचित संदेहों से परे सिद्ध होना चाहिए और ऐसे मामले में आवश्यक प्रमाण का मानक वही होगा जो आपराधिक मामले में आवश्यक होता है।
वहीं दूसरे पक्ष ने सफाई दी कि उक्त दोनों अध्यापिकाओं ने माहौल खराब किया था। जिसके चलते उन पर कार्रवाई की गई थी।
वर्जन :
स्कूल की दो अध्यापिकाओं का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। उनके पास इसके कोई आदेश नहीं है। उक्त चारों लोग अब स्कूल का हिस्सा नहीं हैं।
महताब सिंह, कोषाध्यक्ष, आर्य बाल भारती स्कूल।