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Panipat News: युवाओं का दिल्ली और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना पहली पसंद

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पानीपत। हरियाणा और केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। 10वीं कक्षा में पास विद्यार्थियों ने अगली कक्षाओं में दाखिला ले लिया है। अब 12वीं कक्षा के विद्यार्थी कॉलेज की पढ़ाई को लेकर नई उड़ान भरने को लेकर तैयार हैं। युवाओं की पहली पसंद दिल्ली और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ना पहली पसंद है। वे इसको लेकर कैंपस के साथ ऑनलाइन भी जानकारी ले रहे हैं। युवा यहां सामान्य कोर्स और ट्रेडिशन पढ़ाई को पीछे छोड़ अतिरिक्त कुछ करने का सपना संजोए हुए हैं। इसके साथ एक बड़ा वर्ग शहर के कॉलेजों में दाखिलों को लेकर काउंसिलिंग ले रहा है। वे कोर्स के साथ दूसरे विषयों की जानकारी हासिल कर रहे हैं।
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हरियाणा बोर्ड की 12वीं कक्षा में 11166 और सीबीएसई में करीब 6300 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। हरियाणा बोर्ड में 9893 ने परीक्षा पास की थी और 1026 की कंपार्टमेंट आई थी। जबकि सीबीएसई में लगभग सभी विद्यार्थी पास हुए थे। दोनों बोर्ड के करीब 17222 विद्यार्थी पास हुए हैं। परीक्षा में 90 प्रतिशत और इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी दिल्ली यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की तैयारी में हैं।
युवा बोले डीयू और पीयू में विकल्प ज्यादा

मॉडल टाउन निवासी दीपिका और साक्षी ने बताया कि स्नातक में दिल्ली यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी में कोर्स के विकल्प हैं। यहां साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के साथ स्पेशल विषय में भी पढ़ाई कर सकते हैं। इससे एक विषय में भविष्य बनाने वालों के लिए अच्छा मौका रहता है। उन्होंने दिल्ली और पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिलों के लिए आवेदन संबंधित सारी जानकारी हासिल कर ली है। वे यहां दाखिलों को लेकर पूरा प्रयास करेंगी। नीतिन व आकाश ने बताया कि दिल्ली व पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिलों को लेकर कैंपस की जानकारी ली है। इसको लेकर आवेदन करेंगे। वहां दाखिला नहीं मिलता है तो शहर के कॉलेज में दाखिला लेंगे।
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कोट्स-
कॉलेज में कई अच्छे कोर्स हैं। युवा अपने शहर में रहकर की अच्छी पढ़ाई कर सकते हैं। दिल्ली और पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला नहीं मिलने पर काफी युवा बाद में आते हैं। उनको फिर दाखिला देना मुश्किल हो जाता है।
डॉ. अनुपम अरोड़ा, प्राचार्य, एसडी पीजी कॉलेज
-कोट्स
कॉलेज में सभी विषय और कोर्स हैं। कैंपस में बेहतर सुविधा के साथ खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी उपलब्धि हैं। युवाओं को दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करने में मुश्किलें भी आ सकती हैं। वहां नंंबर नहीं आने पर फिर कॉलेज में दाखिलों को लेकर चक्कर काटते हैं।
डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी कॉलेज।

कोट्स

कॉलेज में किसी विषय में ऑनर्स की भी पढ़ाई कर सकते हैं। अपने शहर में अभिभावकों के सामने रहते हैं तो उनको किसी प्रकार की परेशानी होने पर मदद की चिंता नहीं होती। युवाओं को लक्ष्य साधकर अपनी पढ़ाई करनी चाहिए।
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डॉ. अजय कुमार गर्ग, प्राचार्य, आईबी पीकी कॉलेज।
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