पानीपत। इस्कॉन कुरुक्षेत्र व इस्कॉन प्रचार समिति पानीपत के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक नगरी पानीपत में श्रीमद्भागवत कथा व भगवान श्री कृष्ण बलराम रथयात्रा महोत्सव का रविवार को शानदार आगाज हो गया। यात्रा के समापन पर श्रीकृष्ण बलराम रथयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताया गया।
श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास का इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदर लाल चुघ व चेयरमैन राम निवास गुप्ता फूल माला पहनकर स्वागत किया। उसके पश्चात इस्कॉन प्रचार समिति के सभी सदस्यों ने श्रीमद्भागवत कथा की शुरुआत कथाव्यास पीठ के अध्यक्ष साक्षी गोपाल दास ने शुरू की। साक्षी गोपाल दास ने कहा कि श्रुत गोस्वामी से सभी मुनियों ने कहा की आप हमारे बीच में आए हो तो आप हमें सभी कथाओं का सार सुना दो। ये बात सुनकर श्रुत गोस्वामी ने कहा की अरे मुनीश्वरों सभी कथाओं का सार श्रीमद्भागवत कथा है। श्रीमद्भागवत कथा ही सब कथाओं और पुराणों का सार है। वैदिक साहित्य रूपी का पक्का हुआ फल है। श्रुत गोस्वामी बताते है कि श्रीकृष्ण का शरीर तीन तत्वों से बना है सच से, चित से और आनंद से, ये भगवान श्री कृष्ण जो है वो सभी ब्रह्मांडों का सर्जन करते हैं। सारे ब्रह्मांडों का पालन करते है और सारे ब्रह्मांडों का संहार करते है भ्रमा के रूप में आकर भगवान श्री कृष्ण श्रृष्टि का सर्जन कर देते हैं। विष्णु रूप में प्रकट होकर सृष्टि का पालन करते हैं और शिव रूप में प्रकट होकर सृष्टि का संहार कर देते हैं। भागवत गीता के 10वें अध्याय के आठवें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि इस सृष्टि में जो कुछ भी प्रकट हुआ है वह मुझसे उत्पन हुआ है। इस मौके पर ये दुनिया बनाना और बनाके फिर चलाना उसी का काम है...भजन की सुंदर प्रस्तुति लोगों ने सराहा। कार्यक्रम में इस्कॉन प्रचार समिति के अध्यक्ष सुंदर लाल चुघ, आशु गुप्ता, अशोक गोयल, सतीश बुधिराजा, विशाल गोयल ,देवेंद्र महाजन, पंकज मेहंदीरत्ता, राजकुमार माटा, जयकुमार गोयल व सन्नी अग्रवाल मौजूद रहे।