पानीपत/बापौली। पानीपत-हरिद्वार रोड पर जलालपुर गांव स्थित गोरजा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में ट्रैक्टर चालक चाचा-भतीजे और एक मेंटेनेंस कर्मचारी की हत्या को हादसा दिखाने को प्रयास किया गया। आरोप है कि फैक्टरी मालिक शनिवार रात को दो से तीन घंटे तक इसमें लगे रहे। पूरे मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए।
आरोप है कि परिजनों को फैक्टरी में भी नहीं जाने दिया जा रहा था। परिजन अल सुबह करीब चार बजे से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे तक 12 घंटे दहाड़े मारकर न्याय की भीख मांगते रहे। इसके बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवगृह के बाहर बैठ गए। इस दौरान इस्लाम का भाई रुकमा बेसुध होकर गिर गया। उसको करीब 15 मिनट बाद होश आया। चिकित्सकों ने बिसरा और छाती की हड्डी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस अब बिसरा रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
रसालापुर निवासी गयूर ने बताया कि इस्लाम (35) गोरजा इंटरनेशनल फैक्टरी में ट्रैक्टर चलाकर गुजर बसर कर रहा था। उसके पास चार लड़की और एक लड़का है। लड़का मानसिक रूप से अशक्त है। वह शाम को छह बजे फैक्टरी आता था और रात 12 बजे वापस घर चला जाता था। शनिवार देर रात तक वापस नहीं आया तो उनको चिंता सताने लगी। वह परिवार के चार लोगों को साथ लेकर अल सुबह करीब चार बजे फैक्टरी पहुंचा तो यहां डायल 112 खड़ी थी। उन्होंने इस्लाम और कुरबान के बारे में पूछा तो चौकीदार ने उनके रात को ही घर चले जाने की कही। उन्होंने पुलिस की एक गाड़ी को अंदर देखा तो वे इकट्ठा होकर जबरदस्ती अंदर दाखिल हुए। यहां पता चला कि इस्लाम (35), कुरबान (28) और सुरेश के शव टैंक में पड़े हैं। आरोप है कि फैक्टरी मालिक ने पहले जान से मारने की धमकी दी थी। वे उसी समय इनकी शिकायत देते तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। एएसपी मयंक मिश्रा और थाना प्रभारी सुनील कुमार ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
रसलापुर गांव की पूर्व सरपंच शकुलत ने कहा कि फैक्टरी मालिक काम के नाम पर लोगों की जान ले रहे हैं। किसी अमीर के लड़के होते तो पुलिस हत्यारोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लाती। गरीबों की तो पुलिस और प्रशासन भी सुनवाई नहीं करता। उन्होंने कहा कि फैक्टरी मालिकों की गिरफ्तारी के बाद ही शवों को उठाया जाएगा। खुफिया विभाग के दो कर्मी परिजनों को तीनों की मौत टैंक में गिरने से होने की कहने लगे। इस पर लोग आक्रोशित हो गए और दोनों के साथ हाथापाई कर दी।
रसलापुर निवासी अकरम ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता है। वह इस्लाम और कुरबान के न आने का पता चलते ही परिवार के सदस्यों के साथ फैक्टरी पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि इस्लाम, कुरबान और सुरेश की टैंक में गिरने से मौत हो गई है। वे शवों को निकालने के लिए टैंक में उतरने की कहने लगे तो पुलिस ने उनको पीछे हटा दिया। पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी नीचे नहीं उतर रहे थे। उनके बार-बार कहने के बाद दमकलकर्मियों ने पहले गैस काटने के लिए पाउडर डाला। इसमें करीब दो घंटे लगा दिए। इसके बाद रस्सों की मदद से नीचे उतरे। वह और हारिफ भी नीचे उतरे। तीनों में से किसी को चोट का निशान नहीं था, जबकि उनके नीचे गिरने की बात कही जा रही थी। टैंक में तीन से चार फीट पानी था।
गोजरा इंटरनेशनल फैक्टरी में चद्दर और कंबल बनाया जाता है। इससे निकलने वाले केमिकल दूषित युक्त काे पानी जमा करने के लिए अंडरग्राउंड करीब 16 फीट गहरा व 20 गुना 20 फीट लंबा व चोड़ा टैंक बना रखा है। जिसमें करीब सात लीटर पानी जमा हो सकता है। फैक्ट्री से यह पानी टैंकरों में भरकर ड्रेन नंबर 2 में रात के समय डाला जाता है। परिजनों ने बताया कि शव निकालते समय टैंक में तीन से चार फीट पानी था। इसके अलावा दोनों के ट्रैक्टर व टैंकर फैक्टरी की बजाय सड़क की दूसरी तरफ से पेट्रोल पंप पर खड़े किए गए थे।
फैक्टरी के तीनों मालिक फरार हैं। बताया जा रहा है इनमें से एक अल सुबह फैक्टरी में गया था, लेकिन लोगों के आक्रोश को देख वहां से भाग गया। सिविल अस्पताल में फैक्टरी मालिक के नजदीकी पहुंचे। उन्होंने तीनों के परिजनों के साथ दुख साझा किया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। एक व्यक्ति ने बताया कि फैक्टरी में 44 सीसीटीवी कैमरे थे। पिछले दिनों बारिश में कैमरे खराब हो गए थे।
उत्तर प्रदेश के परसा झकरिया निवासी सुरेश के पास चार लड़के और चार लड़की हैं। वह परिवार को गांव में छोड़कर पानीपत नौकरी करने आया था। गोरजा फैक्टरी में मेंटेनेंस का काम करता था। उसकी ड्यूटी रात आठ से सुबह आठ बजे तक रहती थी। उसका भाई उमेश लुधियाना पंजाब में काम करता है। वह सूचना मिलते ही पानीपत पहुंचा। उन्होंने बताया कि उनका सब कुछ उजड़ गया है।
ऐसे चला घटनाक्रम
-3:45 बजे परिजन फैक्टरी में पहुंचे।
-5:00 बजे शवों को निकालना शुरू किया
-07:00 बजे शवों को टैंक से बाहर निकाला गया।
-10:00 बजे परिजन सिविल अस्पताल पहुंच गए।
-11:00 बजे खुफिया विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की हुई।
-1:30 बजे परिजन शवगृह के बाहर बैठ गए।
-2:10 बजे थाना प्रभारी ने उनके बीच आकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया
-3:05 बजे सुरेश का शव निकालने लगे तो परिजन आगे अड़ गए। एक व्यक्ति ने जबरदस्ती कर उनको हटाया।
-3:40 बजे इस्लाम व कुरबान के शव पुलिस ने परिजनों को सौंप दिए।
पुलिस मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस को फैक्टरी मालिक और सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। परिजनों की शिकायत पर तीनों मालिकों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुनील कुमार, प्रभारी, थाना पुलिस सनौली।