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Panipat News: बाजत मृदंग नाचत शिवा शम्भू... गणेश स्तुति से असावरी ने मोहा मन

Wed, 10 Sep 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में उत्तर दक्षिण शास्त्रीय संगीत और नृत्य शृंखला का आयोजन किया गया। इसमें आरथी इयंगर ने भरतनाट्यम और असावरी पवार ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति देकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से यह कार्यक्रम कराया गया।
असावरी पवार ने गणेश स्तुति, बाजत मृदंग नाचत शिवा शम्भू... और कृष्ण भक्ति पर कत्थक नृत्य किया। आरथी इयंगर ने भरतनाट्यम में भाव-भंगिमाएं पेश करके दर्शकों को मन्त्र-मुग्ध कर दिया। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने बताया कि दिल्ली में स्थापित पायनियर आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी वैश्विक कलात्मक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करती है। सोसायटी उत्तर दक्षिण एक शास्त्रीय संगीत और नृत्य श्रृंखला पहल का भी नेतृत्व करती है।
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मुख्यातिथि बॉलीवुड एवं टेलीविजन की अभिनेत्री रजनी गुप्ता, पायनियर आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी दिल्ली के सचिव ललित नारंग रहे। कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, महासचिव महेंद्र अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने मेहमानों का स्वागत किया। मौके पर डॉ. मोनिका खुराना, प्रो. प्रवीण खेरडे, डॉ. मुकेश पुनिया, डॉ. संतोष कुमारी, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. दीपा वर्मा, डॉ. बलजिंदर सिंह व डॉ. कविता उपस्थित रहे।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम
विदुषी आरथी इयंगर को उनके उत्कृष्ट नृत्य के लिए संगीत में उत्कृष्टता उपाधि, एनएसयूआई सांस्कृतिक उत्सव 2019 में द्वितीय स्थान, 2018 में दिल्ली हाट में आयोजित दिल्ली की राष्ट्रीय स्तर की नृत्य प्रतियोगिता में तृतीय स्थान, भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, रेन डांस एवं निरुतिया नृत्य के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
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विरासत में मिली प्रतिभा
असावरी पवार को इस कला के प्रति प्रेम उन्हें उनके पिता पद्मश्री गुरु प्रताप पवार, एमबीई (ब्रिटिश साम्राज्य के सर्वोत्तम आदेश के सदस्य) से विरासत में मिला है। जिन्हें कत्थक के लखनऊ घराने के प्रमुख प्रतिपादकों में से एक माना जाता है। पिता के मार्गदर्शन में नृत्य का अभ्यास जारी रखा और वे नर्तकी के रूप में उभरीं। उन्होंने पंडित विजय शंकर से तीन साल का कठोर प्रशिक्षण लिया और कथक नृत्य कला में निपुणता हासिल की। वहीं गिरिजा देवी से शास्त्रीय गायन का भी प्रशिक्षण लिया। हाल में भारत में उत्कृष्ट महिला किरण उपलब्धि पुरस्कार और 2009 व 2010 में इंग्लैंड में कला एवं संस्कृति पुरस्कार भी मिला है।
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