बागबानी विभाग अब एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटीग्रेटिड डेवलपमेंट हॉर्टिकल्चर) के तहत किसानों को अपनी विभिन्न योजनाओं का लाभ देगा। इससे पहले एनएचएम (नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन) के तहत किसानाें को बागवानी पर अनुदान दिया जाता था। नई पॉलिसी के तहत कई तरह के जरूरी बदलाव भी हुए हैं।
बागबानी विभाग किसानों को आधुनिक तकनीक के तहत बागवानी करने व कई तरह के स्वरोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 50 से 75 फीसदी तक अनुदान देता है। किसानों का रुझान स्वरोजगार अपनाने व कम लागत पर ज्यादा फायदा पाने के लिए विभाग जागरूकता अभियान भी चलाता रहा है। किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने हाल में अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है।
पहले एनएचएम के तहत मिलता था अनुदान
बागबानी विभाग किसानों को पहले एनएचएम पॉलिसी के तहत विभिन्न योजनाओं पर अनुदान देता था। नई पॉलिसी हाल ही मेें शुरू हुई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नई योजना के तहत कई तरह के लाभ मिलेंगे।
करीब 10 प्रतिशत तक ज्यादा अनुदान मिलेगा
एमआईडीएच के तहत किसानों को कई योजनाओं पर 10 प्रतिशत तक ज्यादा अनुदान मिल सकेगा। इस योजना के तहत कई प्रोजेक्ट के रेट मेें अंतर भी दर्ज किया गया है।। विभाग अपनी स्कीम के तहत पॉलीहाउस लगाने, बाग लगाने, पुराने बागाें के रखरखाव, बागवानी यंत्राें, सामुदायिक वाटर स्टोरेज टैंक, कोल्ड स्टोर, केंचुआ खाद तैयार करना, मधुमक्खी पालन, मशरूम की खेती, लहसुन, आलू, लीची, अमरूद, किनू समेत कई फलाें की खेती करने वाले किसानों को अनुदान मुहैया कराता है।
किसानों को कर रहे हैं सूचित
पॉलिसी में हुए बदलाव के बारे में विभागीय अधिकारियों ने किसानाेें सूचना के विभिन्न माध्यमों से सूचित करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि विभाग द्वारा शुरू की गईं कई लाभकारी योजनाआें का किसान ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएंगे। योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पॉलिसी को पहले से ज्यादा सरल कर दिया गया है।
किसानों को अब एमआईडीएच पॉलिसी के तहत विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा। इससे पहले एनएचएम पॉलिसी के तहत विभिन्न योजनाओं पर अनुदान मिलता था। अब नई पॉलिसी के तहत पहले से दस फीसदी तक अधिक अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानाें को ज्यादा फायदा मिलेगा।
सुभाष चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी, बागबानी विभाग, पानीपत