संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने शनिवार को जिला सांस्कृतिक समन्वयक संदीप रत्तेवाल के साथ जिले के आठ राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्थाओं के साथ विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को भी परखा। जो सीखेगा... वो जीतेगा का संदेश देते हुए डीईओ ने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सवाल पूछे और कॉपियां जांचीं।
राकेश बूरा ने पीएमश्री जीएसएसएस डाहर, पीएमश्री जीपीएस डाहर, जीजीपीएस नौल्था, जीपीएस नौल्था, जीजीएसएसएस नौल्था, जीएमएस ब्राह्मण माजरा, जीएसएसएस कालखा और जीएचएस भादड़ का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीईओ ने विद्यार्थियों को मिशन सुपर-100, मिशन बुनियाद और एनएमएमएसएस के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही दिशा और निरंतर मेहनत से वे किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
एफएलएन गतिविधियों की भी जांच
जीपीएस डाहर, जीजीपीएस नौल्था और जीपीएस नौल्था में एफएलएन गतिविधियों की विशेष रूप से जांच की गई। विद्यार्थियों से पढ़ने, लिखने, संख्या ज्ञान और जोड़-घटाव से संबंधित गतिविधियां करवाई गईं। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त अभ्यास और उपचारात्मक शिक्षण पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था का भी जायजा लिया। जिला सांस्कृतिक समन्वयक संदीप रत्तेवाल ने विद्यार्थियों को सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। डीईओ राकेश बूरा ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल स्कूलों की व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के वास्तविक सीखने के स्तर को समझना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।
जीएसएसएस कालखा में निरीक्षण क दौरान बच्चों की कॉपियों की जांच करते डीईओ राकेश बूरा।