संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में करीब 48 करोड़ की लागत से लगाए डी-फ्रीजर खराब हैं। आठ में से सात फ्रीजर खराब होने से शव रखने को भी जगह नहीं है। ऐसे में लोगों को खुले में शवों को रखना पड़ रहा है। शवों में 24 घंटे में ही बदबू उठने लग जाती है। स्वास्थ्य विभाग इसको गंभीरता से लेने की बजाय ढुलमुल रवैया अपना रहा है। सीएमओ कंपनी और उच्चाधिकारियों को चिट्ठी लिखने में लगे हुए हैं। धरातल पर कोई समाधान नहीं हो पाया है।
जिला नागरिक अस्पताल में 48 करोड़ की लागत से आठ डी-फ्रीजर लगाए थे। विभाग अब समालखा सामान्य अस्पताल में भी पोस्टमार्टम शुरू करने का दावा कर रहा है। जबकि विभाग से जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह की संभाल नहीं हो पा रही है। सीएमओ की नाक के नीचे जिला नागरिक अस्पताल परिसर में सात दिन से आठ में से सात डी-फ्रीजर खराब पड़े हैं। शवगृह में अंदर दाखिल होते ही चारों तरफ डी-फ्रीजर के खराब होने के नोटिस चस्पाए नजर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को मजबूरीवश बाहर स्ट्रेचर पर ही शवों को रखना पड़ रहा है। नजीर ने बताया कि शहनाज की शुक्रवार देर शाम पसीना रोड पर हादसे में मौत हो गई थी। पुलिस ने रात को ही शव को शवगृह में रखवा दिया था। वे शनिवार को पोस्टमार्टम कराने पहुंचे तो शव में बदबू आ रही थी। पोस्टमार्टम हाउस में तैनात स्टाफ से पूछा तो उन्होंने फ्रीजर खराब होने की जानकारी दी।
मामला बढ़ा तो समालखा से मंगवाया फ्रीज
जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह एक नवजात समेत तीन शव पहुंचे। शवगृह में एक ही डी-फ्रीजर चालू मिला। ऐसे में अस्पताल में हंगामा बढ़ गया। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में समालखा सामान्य अस्पताल से एक डी-फ्रीजर मंगवाया। इसके साथ कंपनी को डी-फ्रीजर ठीक कराने के लिए पत्र लिखा। जनसेवा दल के महासचिव चमनलाल गुलाटी ने बताया कि अस्पताल के शवगृह के डी-फ्रीजर खराब हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए जनसेवा दल ने अस्थायी रूप से अपना डी-फ्रीजर दिया है।
अस्पताल में एक डी-फ्रीजर अच्छे से काम कर रहा है और दो में कूलिंग कम हो रही है। ऐसे समालखा के शवगृह से डी-फ्रीजर मंगवाए गए हैं। इनको अस्पताल के शवगृह में जाएगा। कंपनी को डी-फ्रीजर ठीक करने के लिए पत्र लिखा है। इसके साथ उच्चाधिकारियों को भी इस बारे में अवगत कराया है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।