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Panipat News: अदालत ने कहा- मादक पदार्थ समाज के लिए घातक, दोषी नरमी का हकदार नहीं

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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की एनडीपीएस एक्ट अदालत ने घर में गांजा पत्ती बेचने के आरोपी 45 वर्षीय नरेश कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 साल का कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि जमा न करने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने कहा मादक पदार्थ समाज के लिए घातक है। दोषी किसी तरह की नरमी का हकदार नहीं है।
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि 29 नवंबर को सीआईए-1 में तैनात एसआई राजबीर सिंह ने सनौली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह अपने साथियों के साथ सनौली बस स्टैंड पर गश्त कर रहे थे, उसी समय सूचना मिली कि रिशपुर गांव में एक एक व्यक्ति नरेश ने अपने घर के पास खाली प्लाॅट में पड़ी पराली में गांजा पत्ती छिपा रखी है और वह चारपाई पर बैठकर गांजा पत्ती बेच रहा है। सूचना पर टीम ने दबिश दी।
पुलिस को देखकर आरोपी पास के ही खेत में कीचड़ में कूद गया, जहां से पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यूपी के एक गुड़ बेचने वाले से 55 किग्रा गांजा पत्ती 25 हजार रुपये में खरीदी थी, इसके बाद वह ग्राहकों की तलाश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अदालत में पेश किया।
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जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। उप जिला न्यायवादी कुलदीप सिंह ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत में हुई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
सोमवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने दाेषी को 20 साल की कठोर कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा दोषी नरमी का हकदार नहीं सुनवाई के दौरान दोषी नरेश ने परिवार की स्थिति का हवाला देते हुए नरमी बरतने की मांग करते हुए प्रोबेशन पर रिहा करने की मांग रखी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने 55 किग्रा. गांजा बरामद होने पर अधिकतम सजा की मांग रखी।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ रखना यह दर्शाता है कि इसका उपयोग गैरकानूनी उद्देश्य के लिए किया जाना था, ऐसे में दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है।
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