पानीपत। सनौली ब्लॉक के गांव जलालपुर प्रथम निवासी विकास कौशिक व उनकी पत्नी सुषमा कौशिक ने 2011 में माउंट एवरेस्ट फतह किया था। वह सबसे कम आयु वर्ग का माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाला दंपती बना था। 2018 में कोर्ट ने विश्व के सबसे कम उम्र के दंपती का रिकार्ड बनाने वाले सुषमा कौशिक और उनके पति विकास कौशिक को भी हाईकोर्ट ने डीएसपी पद और 21-21 लाख रुपये की राशि देने के आदेश दिए थे।
सरकार ने सुषमा कौशिक को सब इंस्पेक्टर लगा दिया लेकिन उनके पति को नौकरी नहीं मिली। सुषमा कौशिक हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल थी। सुषमा कौशिक पानीपत जिले के गांव जलालपुर निवासी हैं। सुषमा कौशिक और उनके पति विकास कौशिक ने 2011 में माउंट एवरेस्ट फतह कर सबसे कम उम्र दंपती का विश्व रिकार्ड बनाया है। इस पर हरियाणा सरकार ने सुषमा कौशिक को कांस्टेबल से उनका नाम सब इंस्पेक्टर पद के लिए प्रस्तावित किया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में इस पर्वतारोहण अभियान की शुरूआत की थी। शुरूआत में छोटी-छोटी पहाडि़यों से ट्रेनिंग शुरू की। इसके बाद उनका चयन एवरेस्ट के लिए हो गया। इस अभियान की शुरूआत मार्च 2011 में की और 20 मई 2011 को उन्होंने एवरेस्ट को फतह कर दिया।
विकास कौशिक जब उन्होंने भारत का तिरंगा विश्व की ऊंची चोटी पर लहराया तो उनका सपना पूरा हो गया। जब वे एवरेस्ट फतह कर देश लौटे तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया था। विकास ने बताया कि इस मिशन पर 21-21 लाख रुपये खर्च आया है, जिसे उन्होंने ब्याज पर उठाया था। एवरेस्ट फतह विकास कौशिक ने बताया कि जब मिशन की शुरूआत की तो मन में एक भय था और रास्ते में काफी मुश्किल भी आई। उसकी पत्नी सुषमा ने हर मुश्किल घड़ी में उसका साथ दिया। विकास ने बताया कि अब वह 36 साल का है और उसकी पत्नी सुषमा 38 साल की हैं। दोनों एवरेस्ट फतह कर काफी खुश हैं।