पानीपत। टीडीआई सेक्टर 23 में हुए सरकारी जमीन घोटाले की परतें खुलना शुरू हो गई है। मामले पर जिला योजनाकार के संज्ञान लेने के बाद अब नगर निगम ने भी संज्ञान लेते हुए मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। निगम की कर शाखा की रिपोर्ट के अनुसार टीडीआई में छह प्लॉट ऐसे हैं जिनकी प्रॉपर्टी आईडी लेआउट प्लान में दर्शाई गए एरिया के अनुसार ठीक नहीं है।
11 प्लॉट ऐसे हैं जिनकी निगम ने प्रॉपर्टी आईडी तो बना दी लेकिन ये टीडीआई के लेआउट प्लान में ही नहीं हैं। इन प्लाटों की आईडी को डिलीट करने की सिफारिश की गई है। 17 ऐसे प्लॉट हैं जिनकी प्रॉपर्टी आईडी में जो एरिया दर्शाया गया है उसका टीडीआई के वैध लेआउट प्लान से मिलान तक नहीं होता।
इनको अब निगम नोटिस भेजकर लेआउट प्लान से लेकर अलॉटमेंट लेटर भी मांगने जा रहा है। इसके अलावा कुछ का लेआउट प्लान और प्रॉपर्टी आईडी के हिसाब से रकबा सही नहीं है तो कुछ के अलॉटमेंट लेटर से लेकर, जीपीएस फोटो, आवेदक के आधार कार्ड, डबल एवं पार्ट आईडी तक में अनियमितताएं मिली हैं।
गौरतलब है कि टीडीआई में पार्क, सड़क, यूडीलैंड के फर्जी तरीके से अलॉटमेंट लेटर बनाकर इनकी निगम से प्रॉपर्टी आईडी बनवाई गई। इसके बाद इस प्रॉपर्टी आईडी पर तहसील में इन प्लॉटों का पंजीकरण करवा लिया गया। डीटीपी ने तो प्लॉट पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर संज्ञान लिया। प्लॉट धारकों से प्रॉपर्टी आईडी, अलॉटमेंट लेटर और रजिस्टरी मांगी है। वहीं निगम ने प्रॉपर्टी आईडी की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
इस आधार पर हो रही पड़ताल:
टीडीआई सेक्टर 23 में सरकारी जमीन पर बनी प्रॉपर्टी आईडी का मिलान लेआउट प्लान और प्रॉपर्टी आईडी बनाने के आधार की जांच की जा रही है। इनमें अलॉटमेंट लेटर की जांच भी हो रही है।
जांच में सामने आया कि टीडीआई के अलॉटमेंट लेटर पर अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर तक नहीं है। काफी प्रॉपर्टी आईडी को बनाते समय लेआउट प्लान को अटैच तक नहीं किया गया। प्रॉपर्टी आईडी में जीपीएस फोटो तक नहीं लगाई गई। कुछ में आईडी डबल कर दी गई तो कुछ में आईडी का विभाजन करा दिया गया। आवेदक का आधार कार्ड तक नहीं लगाया गया। कुछ में दूसरे प्लॉट का अलॉटमेंट लेटर लगा दिया गया है।
26 का प्रदर्शन रद्द लेकिन पीएम को ज्ञापन देंगे:
मामले के शिकायकर्ता जोगिंद्र स्वामी ने कहा कि वे 26 नवंबर को जिला योजनाकार मुख्यालय पर किए जाने वाले प्रदर्शन को रद्द करते हैं। चूंकि उसी दिन जिला योजनाकार ने नोटिस देकर 11 प्लॉट धारकों और फर्म को तलब किया है। वहीं उनके नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन वाले कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं है। अगर टीडीआई, तहसील और नगर निगम ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो वे फिर से मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
वर्जन :
चल रही जांच : निगम
मामले की जांच चल रही है। प्राथमिक जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं। एक सप्ताह भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।