समालखा। जिले में 77वां निरंकारी संत समागम शनिवार से शुरू हो जाएगा। इस बार इसका विषय विस्तार और अनंत की ओर रहेगा। इस बार करीब 10 लाख की संगत के समागम में पहुंचने का अनुमान है। समागम शनिवार सुबह से शुरू होगा और गुरु सुदीक्षा महाराज शाम के समय प्रवचन देंगी। वे विशेष रथ पर सवार होकर समागम स्थल पर पहुंचेंगी। वहीं पुलिस व मिशन के सेवादारों ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। समागम में सुरक्षा के लिए पुलिस के एक हजार जवान तैनात रहेंगे।
जानकारी के अनुसार जीटी रोड भोड़वाल माजरी स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 16 से 18 नवंबर को 77वां वार्षिक निरंकारी समागम का आयोजन होगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। लाखों की संख्या में संगत समागम स्थल पर पहुंच गई है। पूरे समागम स्थल को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। समागम में निरंकारी प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। समागम के विस्तार अनन्त की ओर विषय को प्रदर्शनी के माध्यम से भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा।
असीम विस्तार पर केंद्रित है प्रदर्शनी
निरंकारी प्रदर्शनी इस बार असीम विस्तार अर्थात उस निरंकार की तरफ विस्तार के विषय को प्रस्तुत करेगी। इसमें बताया गया है कि कैसे उस परमपिता को प्राप्त किया जा सकता है। प्रदर्शनी में विभिन्न मॉडल के माध्यम से इसे दिखाया गया है। वहीं दिव्य डिलीवरी मॉडल्स अर्थात आप निरंकार के चरणों में अरदास करते हैं तो तुरंत उसका उत्तर मिलता है। उन आदतों का पालन करें जो आपको ब्रांड बनाती है इसको लेकर बनाया गया मॉडल भी काफी आकर्षक है। वहीं सेवा, सत्संग व सिमरन और मिशन के विस्तार को भी विभिन्न मॉडल के जरिए दिखाया गया है। प्रदर्शनी की तैयारियां तकरीबन पूरी हो चुकी हैं।
अवतार दर्शन से निरंकारी प्रदर्शनी का सफर
निरंकारी प्रदर्शनी वर्ष 1972 में बाबा गुरबचन सिंह ने शुरू कराई थी। इससे पहले इसे अवतार दर्शन के नाम से जाना जाता था। बाबा गुरबचन सिंह चाहते थे कि बच्चों और युवाओं को भी निरंकारी मिशन के बारे में पता चले। वर्ष 1972 में निरंकारी प्रदर्शनी शुरू हुई। पहले यह 15 गुना 30 फीट के कमरे में लगती थी। समय के साथ ही इसका विस्तार होता गया।