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Panipat News: थाने में शिकायतकर्ता से धक्का मुक्की, हवालात में किया बंद , प्रभारी निलंबित

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पानीपत/समालखा। पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह ने थाने में मारपीट के मामले में कार्रवाई करने की बजाय शिकायतकर्ता और उसके साथियों से धक्का मुक्की करने के मामले में समालखा थाना प्रभारी कैलाश चंद्र को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामले में सामने आई एक वीडियो के आधार पर ये कार्रवाई की है। शिकायतकर्ता पूर्व विधायक रविंद्र मच्छरौली के गांव का है। परिवार की महिला और लड़की प्रभारी को अंकल-अंकल कहते रहे और प्रभारी परिवार के लोगों से थाने में दुर्व्यवहार करते रहे। आरोप हैं कि शिकायतकर्ता और पंचायत मेंबर को हवालात में भी बंद कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही बरतने पर दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने एक दिन पहले ही आठ मरला चौकी प्रभारी एएसआई बिजेंद्र को एक मामले में कार्रवाई न करने पर लाइन हाजिर कर दिया था। समालखा थाने में इसराना थाना विनोद कुमार को प्रभारी लगाया है। वहीं इसराना थाना में महिपाल को प्रभारी लगाया है।
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थाने में दुर्व्यवहार का ये मामला तीन जनवरी का बताया जा रहा है। इसका एक वीडियो शिकायतकर्ता संदीप निवासी मच्छरौली गांव ने उपलब्ध कराया है। जिसमें वह और उसके परिवार के कुछ सदस्य थाना परिसर में खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसी समय थाना प्रभारी कैलाश चंद्र व अन्य पुलिस कर्मचारी बाहर आए और उसको धक्के मारने लगे। उन्होंने उनको रोका भी लेकिन वे नहीं माने। उनको हवालात में बंद कर दिया। वे इसको लेकर डीएसपी से मिले। उन्होंने शिकायत पर कार्रवाई करने के साथ थाना प्रभारी के दुर्व्यवहार को गलत बताया था। यह मामला इसके बाद पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी कैलाश चंद्र को निलंबित कर दिया है। इस मामले में दूसरे पुलिस कर्मचारियों की जांच के आदेश दिए हैं।
यह है मामला
मच्छरौली गांव निवासी संदीप ने बताया कि वह और उसकी पत्नी सुमन दो जनवरी को घर पर थे। कुछ लोगों ने घर में घुसकर उसके लड़कों के साथ मारपीट की। उसने डायल 112 पर फोन किया लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके अगले दिन तीन जनवरी को उसका लड़का खेल रहा था। उक्त लोगों ने उसको काफी पीटा। वे इसकी शिकायत लेकर थाना समालखा में पहुंचे। यहां उसकी शिकायत नहीं ली और उल्टा उसके साथ दुर्व्यवहार किया। संदीप की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि तीन जनवरी को थाने में गए। पुलिस ने कहा कि दूसरे पक्ष को बुलाया गया है। दूसरे पक्ष के लोगों ने थाने में आते ही उनके साथ विवाद शुरू कर दिया।
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थाना प्रभारी के पैर तक पकड़े
इसके कुछ देर बाद थाना प्रभारी पहुंचे। उसके जेठ व उनको हवालात में बंद कर दिया। उन्होंने एसएचओ के पैर भी पकड़े। परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव की पंचायत के सदस्य ने समझौते कराने का प्रयास किया। पुलिस कर्मचारियों ने उनको भी हवालात में बंद कर दिया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तक की तैयारी कर ली थी। उसकी लड़की उनको छोड़ देने की कहने लगी तो उस पर भी हाथ उठाने की प्रयास किया। दूसरे कर्मचारी ने उनको रोका।
सवा महीने पहले लगाया था थाना प्रभारी
कैलाश चंद्र का गत दिनों पलवल से तबादला हाेकर पानीपत आए थे। उनको पहले एस्कोर्ट गार्ड में लगाया था। पुलिस अधीक्षक ने उनको 11 दिसंबर को थाना प्रभारी लगाया था। उनको सवा महीने में ही थाना प्रभारी से बदल दिया। जानकारों का कहना है कि भाजपा के एक विधायक की सिफारिश पर कैलाश चंद्र पानीपत आए थे।

वर्जन :
समालखा थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। उन पर एक शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार करने और उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप है। इस मामले में बाकी पुलिस कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी। थाना व चौकी में शिकायतकर्ताओं के साथ शालीनता के साथ पेश आने बारे बार-बार हिदायत दी जाती हैं।
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लोकेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक।
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