पानीपत। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने नूरवाला में सफाईकर्मी जयभगवान और ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र की सीवर में गिरने से मौत के मामले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। आयोग ने साफ कहा कि सीवर में किसी भी व्यक्ति को नहीं उतारा जा सकता। किसी की जान की कीमत पैसे या 10 लाख रुपये नहीं हो सकती। आयोग ने इस मामले में एससीएसटी और मैन्युअल स्कैवेंजर्स (एमएस) एक्ट लगाने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एससीएसटी एक्ट लगा दिया गया है। आयोग ने सबके सामने पुलिस अधिकारी से एमएस एक्ट पढ़वाया और कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। उन्होंने इस मामले की एक सप्ताह बाद रिपोर्ट लेने की बात कही। इसके बाद सफाईकर्मी और ट्रांसपोर्टर के परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन एम वेंकटेशन और वाइस चेयरमैन अंजना पंवार सोमवार सुबह करीब 11 बजे सरकारी विश्राम गृह में पहुंचीं। उपायुक्त सुशील सारवान, एसपी शशांक कुमार सावन, नगर निगम आयुक्त राहुल नरवाल और मेयर अवनीत कौर भी पहुंचीं। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने 30 मार्च को सफाईकर्मी जयभगवान और ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र की मौत के मामले की रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि सीवर में जाने से कई बार लोगों की जान चुकी है। प्रशासन को ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध रखने चाहिए। श्री वाल्मीकि महासभा के प्रदेश महामंत्री प्राण रत्नाकर ने सफाईकर्मी की मौत के मामले में सख्त कार्रवाई पर आयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग की सख्ती से पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
बरसत रोड नूरवाला में अमरुत योजना के अंतर्गत सीवर बिछाने का काम चल रहा है। 30 मार्च को आईएनडी कंपनी का सफाईकर्मी जयभगवान ने सीवर का ढक्कन खोला तो गैस चढ़ने से वह सीवर में गिर गया। उसे बचाने के लिए ट्रांसपोर्टर सुरेंद्र आया तो वह भी सीवर में गिर गया। इसमें दोनों की मौत हो गई थी।
आयोग ने आईएनडी कंपनी के खिलाफ मैन्युअल स्कैवेंजर्स (एमएस) एक्ट की धारा भी जोड़ने के आदेश दिए। आयोग ने पुलिस अधिकारियों से एक्ट और इसमें कार्रवाई के बारे में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एससीएसटी एक्ट पहले जोड़ दिया है। अब एमएस एक्ट की धारा को भी जोड़ा जाएगा। आयोग ने कार्रवाई पर पूछा तो कंपनी के सुपरवाइजर की गिरफ्तारी के प्रयास करने का जवाब दिया। आयोग ने कहा कि सुपरवाइजर के बजाय कंपनी संचालक या मालिक की गिरफ्तारी बनती है। आयोग ने कंपनी के संचालक को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।
प्रशासन ने दोनों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये देने का भरोसा दिया था। आयोग पहले जयभगवान के आश्रित परिवार से मिला। उनके पिता राहत राशि के बारे में पूछा तो पिता ने 20 हजार रुपये मिलने की जानकारी दी। चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने अधिकारियों की तरफ देखा तो वे बगलें झांकने लगे। आयोग ने कहा कागजों में तो पांच-पांच लाख रुपये देने की बात कही गई है। इस पर लोगों ने कहा कि वे अपने सामने पूरे पैसे दिलवाकर जाएं। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने 10 लाख रुपये का चेक परिजनों को दिया। आयोग इसके अलावा सात लाख रुपये पीएफ, 10 हजार रुपये संस्कार, आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी और एक मकान देने की भी बात कही। आयोग इसके बाद ट्रांसपोर्टर के आश्रितों से मिला और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
पुलिस ने सीवर हादसे में एससीएसटी एक्ट के साथ एमएस एक्ट भी जोड़ दिया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
- फूल कुमार, प्रभारी, थाना तहसील कैंप।