पानीपत। शहर की सरकार करीब सवा साल बाद सदन में बैठेगी। पहली बैठक में डेयरी शहर से बाहर शिफ्ट करने, एग्रीमेंट पर बिजली कनेक्शन और प्रॉपर्टी टैक्स समेत 10 प्रमुख प्रस्ताव रखे जाएंगे। इसके अलावा करीब 300 प्रस्ताव पार्षदों के शामिल किए जाएंगे। इनमें वार्डों में मूलभूत सुविधा समेत अन्य काम शामिल किए हैं। इस बार हाउस की बैठक सीनियर व डिप्टी मेयर के बिना चल सकती है।
नगर निगम हाउस चार जनवरी 2024 को खत्म हो गया था। शहर की सरकार 12 मार्च को चुनकर सामने आई है। इसमें भाजपा की मेयर और 23 पार्षद सदन में पहुंचे हैं। वहीं तीन निर्दलीय पार्षद चुनकर आए हैं। पार्षदों ने मेयर को हाउस की बैठक बुलाने की मांग की थी। यह मांग बजट बैठक में भी रखी थी। मेयर कोमल सैनी ने 25 अप्रैल को जिला सचिवालय स्थित द्वितीय तल पर दोपहर बाद ढाई बजे हाउस की बैठक बुलाई है।
ये हैं पांच बड़े प्रस्ताव, उनकी स्थिति
डेयरी का मामला 20 साल बाद फिर उठेगा : शहर से 2004 में डेयरी बाहर करने का काम शुरू किया था। डेयरियों के लिए 150 प्लॉट जाटल रोड पर दिए गए थे। नगर निगम यहां पूरी तरह से डेयरी शिफ्ट नहीं करा पाया। कुछ लोग रियायत लेकर बाद में महंगे रेट में प्लॉट बेच गए। अब कुछ लोग एग्रीमेंट पर डेयरी चला रहे हैं। कुछ डेयरी की जगह अब मकान बन चुके हैं। 70 प्रतिशत खाली हैं। निगम रजिस्ट्री भी नहीं करा रहा है। नक्शे भी ठीक तरह से नहीं बनाए गए हैं। एक फाइल बीच में गायब है। इसको फिर से हाउस में रखा जाएगा।
बिजली कनेक्शन और मृत्यु प्रमाण पत्र : वैध कॉलोनियों में भी लोगों के पास प्लॉट के एग्रीमेंट हैं। बिजली निगम ने गत दिनों एग्रीमेंट पर कनेक्शन देने से मना कर दिया था। लोगों को कनेक्शन के लिए रजिस्ट्री जरूरी कर दी। पार्षद इस प्रस्ताव को सदन में लाएंगे। जिसमें एग्रीमेंट पर बिजली कनेक्शन देने का फैला लिया जाएगा। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए एएनएम और आशा कार्यकर्ता की रिपोर्ट मान्य कर दी है। ऐसे में लोग मृत्यु प्रमाण पत्र तक नहीं बनवा पा रहे हैं। पार्षद संजीव दहिया ने बताया कि कई कॉलोनियों में एएनएम या आशा कार्यकर्ता नहीं हैं। ऐसे में लोगों की रिपोर्ट नहीं हो पा रही है। पार्षद की रिपोर्ट पर पहले की तरह मृत्यु प्रमाण पत्र बन जाना चाहिए।
प्रॉपर्टी आईडी और टैक्स रिकवरी : शहर में करीब 1.80 लाख प्राॅपर्टी आईडी हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 2018 में एक कंपनी से प्रॉपर्टी का सर्वे कराया था। इसमें भी करीब 50 हजार प्रॉपर्टी आईडी गलत मिली थी। तब से प्रॉपर्टी आईडी ठीक नहीं हो पा रही है। निगम शिविर भी लगा चुका है। बावजूद इसके प्राॅपर्टी आईडी ठीक नहीं हो पाई है।
स्ट्रीट लाइट बड़ी मांग : शहर में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हो पा रही हैं। नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए भर्ती कर्मियों को कार्यालय के दूसरे कामों पर लगा दिया है। ऐसे में शहर में आज भी अंधेरा छाया हुआ है। पार्षदों की मांग है कि अपेक्षाकृत कर्मी लगाकर स्ट्रीट लाइटों का चालू किया जाएं।
रेनीवेल प्रोजेक्ट में तेजी लाएंगे
शहर में सबमर्सिबल से पेयजल की आपूर्ति चुनौती बनती जा रही है। करीब 700 ट्यूबवेल के बाद भी पानी की तंगी है। शहर में रेनीवेल प्रोजेक्ट करीब 10 साल में सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसके अंतर्गत यमुना में कुएं बनाकर पानी की सप्लाई शहर में लेकर आनी है। जन स्वास्थ्य विभाग इस पर काम कर रहा था। गत महीने इसे शहरी स्थानीय निकाय विभाग को दे दिया।