पानीपत। शहर की नई वार्डबंदी एक बार फिर से बदलने जा रही है। अब संजीव दहिया, शकुंतला गर्ग, शिव कुमार, योगेश डावर के वार्डों की सीमाओं पर फिर से बदलाव होगा।
नई वार्डबंदी से नाखुश पार्षद मंत्री महिपाल ढांडा के दरबार पहुंच चुके हैं। मंत्री ने भी अधिकारियों से जवाब तलब कर लिया है। बुधवार रात एक बजे तक नई वार्डबंदी को लेकर मंत्री के आवास पर गहन मंथन चला। इसी की वजह से अब तक भी एडहॉक की मंजूर वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट मुख्यालय नहीं भेजा गया है।
चर्चा है कि नई वार्डबंदी शहरी विधायक के अनुरूप बनाई गई है, जिससे शहरी विधानसभा के एरिया को ज्यादा राहत मिलेगी। इससे ग्रामीण विधानसभा के पार्षदों के लिए चुनाव लड़ने में मुश्किलें होंगी क्योंकि ग्रामीण विस में आने वाले आउटर वार्डों की ज्यादा कांटछांट हुई है। गौरतलब है कि शहर की नई वार्डबंदी ने निकाय चुनाव लड़ने का मन बना चुके अधिकतर लोगों के सपनों पर पानी फेर दिया था। इनमें ज्यादातर निवर्तमान पार्षद शामिल हैं। नई वार्डबंदी के नक्शे को देखकर ज्यादातर के चेहरे लटक गए। जो स्पष्ट तौर पर नाखुश दिखे। इसकी बड़ी वजह ये है कि जिस वार्ड की जिन कॉलोनियों में इन निवर्तमान पार्षदों ने विकास कार्य करवाए अपना वोट बैंक जोड़ा वार्डबंदी ने एक झटके में उसका काटकर अलग कर दिया। अब उनके एरिया में उन कॉलोनियों को जोड़ दिया गया है जो उनके लिए बिल्कुल नई है।
सभी वार्डों की सीमाओं के साथ हुई कांट छांट: परिवार पहचान पत्र पर तैयार की गई नई वार्डबंदी में शहरी और ग्रामीण वार्डों को अलग अलग करने और दो नए वार्ड बनाने में सभी वार्डों की सीमाओं के साथ कांटछांट की गई है। पुराने वार्ड नंबर 16 को काट कर दो भागाें में बांट दिया गया है।
इसमें विकास नगर की गली नंबर तीन तक के एरिया, एनएफएल और राजनगर के कुछ एरिया को एक वार्ड में शामिल किया गया है जबकि गली नंबर तीन से आगे का पूरा एरिया सेक्टर 25-29 के एरिया के साथ मिलाते हुए चांदनीबाग क्षेत्र विद्यानंद कॉलोनी तक जोड़ दिया गया है। वहीं, पुराने वार्ड 22 और 23 के एरिया को भी इसी हिसाब से काट दिया गया है कि वे एक वार्ड में ही नहीं रहे। पुराने वार्ड तीन की सीमाएं अलग हो चुकी हैं। वार्ड 20 का प्रारूप बदल गया है।
वार्डों के मैप करवा रहे तैयार लेकिन जारी नहीं : लोगों की उलझन को सुलझाने के लिए अब वार्डों के नक्शे ही बचे हैं। चूंकि तैयार ड्रॉफ्ट में बूथ नंबर और गली नंबर के हिसाब से वार्डों की सीमाएं बांटी गई हैं। अब ये लोगों के लिए उलझन है कि उनका वार्ड कहां तक है। वे वोट कहां डालेंगे और किसे डालेंगे। इसके लिए निगम ने पूरे शहर की नई बाउंड्री लाइन का नया नक्शा तैयार कराया है।
इसके साथ हर वार्ड का भी एक एक नया नक्शा तैयार किया जा रहा है, जो शहर के लोगों को उनकी वार्ड की नई सीमाएं बताएगा लेकिन अब तक इसे जनहित में जारी नहीं किया गया। माना जा रहा है कि नए बदलाव और सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही इनको जारी किया जाएगा।