पानीपत। शहर में पली बढ़ी युवतियों को गांव की ससुराल रास नहीं आ रही है। परिवार टूटने के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें लड़की की शर्त है कि शहर में ही रहना है। महिला संरक्षण अधिकारी ऐसे मामलों में कुछ परिवारों की काउंसिलिंग कर रही हैं।
हाल ही में महिला संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय में एक ऐसा मामला आया। पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र की एक युवती की शादी भिवानी जिले के एक गांव में हुई थी। शादी के समय पति की दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी थी और ससुराल वालों ने शादी के बाद दिल्ली में ही रहने की बात कही थी। शादी के बाद वह पति के साथ दिल्ली पहुंच गई। करीब दो साल वहां रहे। इसी बीच पति की नौकरी छूट गई। इस कारण उन्हें दिल्ली छोड़कर गांव में आना पड़ा। लेकिन, पत्नी ने गांव में रहने से इन्कार कर दिया और वह मायके आ गई। बात इतनी बढ़ी कि युवती ने महिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय में प्रार्थनापत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
युवती बोली- शादी के समय किया था वादा
सोमवार को महिला संरक्षण अधिकारी ने दोनों पक्षों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया था। महिला का कहना है कि उनकी शादी के समय वादा किया गया था कि वह गांव में नहीं रहेगी। उस समय ससुरालियों ने शहर में ही रखने की बात कही थी। अब वह गांव में नहीं जाएगी। पति का कहना है कि वह नौकरी तलाश रहा है। जैसे ही नौकरी मिलेगी वह शहर में शिफ्ट हो जाएगा। लेकिन अभी दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं। इसी तरह से कई अन्य मामले भी कार्यालय में आए हैं। जिनमें शहर और गांव में रहने के विवाद में मामले तलाक तक पहुंच रहे हैं।
उनके पास ऐसे मामले आ रहे हैं। जिनमें लड़की गांव में रहने को तैयार नहीं है। ऐसे मामलों में परिवारों की काउंसिलिंग कर परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया जाता है।
-रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण अधिकारी