पानीपत। हरियाणा विधानसभा की युवा कल्याण एवं युवा मामलों से जुड़ी कमेटी ने मंगलवार को जिला कारागार का दौरा कर जेल का निरीक्षण किया। कमेटी ने कारागार में व्यवस्थाओं, बंदियों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, नशा मुक्ति, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया, इससे पूर्व कमेटी के सदस्यों ने जिला सचिवालय सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जेल प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक जानकारी ली।
कमेटी में अध्यक्ष मनमोहन भड़ाना के साथ महम से विधायक बलराम दांगी, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, पुंडरी विधायक सतपाल जांबा, सोनीपत से विधायक निखिल मदान व होडल से विधायक हरेंद्र सिंह शामिल रहे। कमेटी के सदस्यों ने जेल में बंद बंदियों और कैदियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान कमेटी ने महिला वार्ड, क्रैच वार्ड, अस्पताल, सिलाई केंद्र और अन्य कार्य स्थल के बारे में जाना। जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने कमेटी के सदस्यों को अलग-अलग वार्डों में ले जाकर बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य, भोजन, सुरक्षा, महिला व युवा बंदियों के लिए किए गए विशेष प्रबंधों से कमेटी को अवगत कराया। कमेटी ने युवा बंदियों (18 से 35 वर्ष आयु वर्ग) से जुड़े कई प्रश्न पूछे, इसके साथ कमेटी के सदस्यों ने ड्रग टेस्ट, वार्डन की नियुक्ति, जेलों में मोबाइल नेटवर्क, ब्लड टेस्ट की शुरुआत और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
जेल में नशा मुक्ति की सुविधा
जेल अधिकारियों ने बताया कि जेलों में नशा मुक्ति के लिए नियमित ओपीडी सेवाएं दी जा रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उपचार किया जाता है। केंद्रीय जेल अंबाला, हिसार-2, जिला जेल यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और नारनौल में नशा मुक्ति की सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसके लिए प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, पीयर एजुकेटर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी तैनात हैं और जिला नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ समय-समय पर जेलों का दौरा करते हैं। बंदियों को हरियाणा कारागार नियम 2022 के अनुसार भोजन दिया जाता है, इसकी गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है और चिकित्सा अधिकारी की सिफारिश पर विशेष आहार दिया जाता है। हेपेटाइटिस और अन्य संक्रामक रोगों के उपचार के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
12 जेलों में रेडियो स्टेशन
डीजी जेल आलोक मित्तल ने कमेटी को बताया कि प्रदेश की जेलों में सुधारात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेल में मोबाइल नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। करीब पांच हजार कैदी रोजाना सूर्य नमस्कार कर रहे हैं। 12 जेलों में रेडियो स्टेशन संचालित किए हैं। प्रदेश में कुल 27,290 कैदी हैं और करीब 450 गैंगस्टर अलग-अलग जेलों में कड़ी निगरानी में रखे गए हैं, जिन्हें अन्य कैदियों से अलग सेल में रखा जाता है। आईजी सतीश बालन ने बताया कि प्रदेश की सभी 20 जेलों का बजट करीब 600 करोड़ रुपये है, इसका बड़ा हिस्सा जेलों के निर्माण, रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च किया जाता है। इस मौके पर जेल अधीक्षक संजीव कुमार, डीएसपी सुरेश कुमार, डिप्टी निरीक्षक नवीन, अंडर सेक्रेटरी नवीन भारद्वाज, संपर्क अधिकारी वीएस चौधरी, जगत चंदेल और जोगिंद्र मौजूद रहे।