माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मौसम में बदलाव के साथ एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। जिले में वीरवार को एक्यूआई 275 पर पहुंच गया। हालांकि यह दिन के समय हवा चलने से 255 तक भी आ गया। शाम को फिर से बढ़ गया। वीरवार रात नौ बजे तक एक्यआई 265 पर पहुंच गया। यह पुअर कैटेगरी में है और सांस लेने में हानिकारक है। इसके साथ सांस और आंखों में जलन के केस बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी ओपीडी बढ़ गई है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ताई कर दी है। जिले में 28 अक्तूबर तक पानी प्रदूषण से संबंधित गतिविधियों को बंद कर दिया है। डाई हाउस और दूसरे उद्योगों में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है।
दिवाली के बाद एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। वीरवार सुबह आसमान में धुएं की चादर बनी हुई थी। एक्यूआई 275 पर पहुंच गया था। इसमें धुएं की मात्रा अधिक रही। दिन के समय हवा चलने पर एक्यूआई कुछ कम हुआ। इसके बाद शाम को फिर से बढ़ने लगा। वीरवार रात नौ बजे तक एक्यूआई फिर से बढ़कर 265 पर पहुंच गया। वहीं कई जगह ग्रैप-2 के नियम व शर्तों की धज्जियां उड़ती रही। नगर निगम के ताऊ देवीलाल कांप्लेक्स के नजदीक अग्रवाल मंडी के नजदीक कूड़े में आग लगा दी गई। वहीं चिमनी और भट्ठी दिनभर चलती रही।
एचएसपीसीबी ने जारी किए निर्देश
- सभी उद्योग अपने अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) का नियमित रूप से संचालन करेंगे और ईटीपी के संचालन के लिए लॉगबुक बनाए रखेंगे।
-कोई भी उद्योग टैंकरों के माध्यम से अपशिष्ट जल के अवैध निपटान में संलग्न नहीं होगा। यदि कोई उद्योग ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया तो एचएसपीसीबी और पुलिस विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-उद्योग सीएक्यूएम द्वारा निर्धारित अनुमोदित ईंधन का उपयोग करेंगे और किसी भी अवैध ईंधन जैसे अपशिष्ट लत्ता, लकड़ी, कोयला आदि का उपयोग नहीं करेंगे।
-उद्योग यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) कार्यशील स्थिति में हों। यदि कोई उद्योग काला धुआं उत्सर्जित करता पाया गया तो एचएसपीसीबी द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सभी उद्योगों (जेडएलडी इकाइयों सहित) को छठ पूजा तक अपनी जल प्रदूषणकारी (रंगाई) गतिविधियां बंद रखेंगे। यदि कोई भी उद्योग इस निर्देश का उल्लंघन करता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस वर्ष छठ पूजा 28 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इसकी पवित्रता को देखते हुए यमुना नदी के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करना आवश्यक है। इसमें उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ एक्यूआई को देखते हुए ग्रैप-2 लागू किया गया है।
भूपिंदर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।