समालखा। सरकारी अस्पताल में 100 बेड का अपग्रेड होने के बावजूद भी यह चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाल ही में तीन नए चिकित्सक मिले है। जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
सरकारी अस्पताल में 42 चिकित्सकों की जगह पांच चिकित्सक हैं। बाकि के 37 पद पहले से खाली हैं। कोई स्पेशलिस्ट नहीं हैं। ग्रामीणों ने सोचा था कि तीन नए चिकित्सक आने से उन्हें समय पर दवा मिल पाएंगी। चिकित्सकों की कमी के साथ यहां पर नर्सिंग स्टाफ भी कम है। 38 की जगह 17 नर्सों से काम लिया जा रहा है। प्रतिदिन करीब चार सौ ओपीडी होती हैं और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा है। नर्सिंग अधिकारियों के 38 पदों में 21 खाली हैं। चिकित्सकों को आपात सेवा में ड्यूटी देनी पड़ती है। आट्टा गांव की पीएचसी के एमओ ने तो करीब एक वर्ष से अपना डेपुटेशन पानीपत अस्पताल में करा रखा है। फिजियोथेरेपिस्ट की नियुक्ति करीब एक वर्ष से अटकी है।
एसएमओ संजय आंतिल ने बताया कि एसडीएच को तीन नए डाक्टर मिले हैं। इनमें से डॉ. रितेश ने मंगलवार को ही ज्वाइन किया है। अल्ट्रासाउंड के लिए डाॅ. का पंजीकरण और फिजियोथेरेपी के लिए डाॅ. की नियुक्ति पानीपत से होनी है।