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बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारी ही मिले बिजली चोर

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बिजली अधिकारियों पर ही बिजली चोरी करने की एक शिकायत पर ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने शनिवार देर रात थर्मल पॉवर स्टेशन में छापा मारकर बिजली चोरी करते हुए कई अधिकारियों को मौके पर पकड़ा। उनके एलएलवन पर्चे भरवाए। इस छापामारी के दौरान थर्मल के चीफ इंजीनियर, 8 एसई, डीएवी स्कूल और इसके अंदर बनी प्रिंसिपल की कोठी में स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन से डायरेक्ट बिजली सप्लाई सप्लाई चालू मिली। छापामारी की कार्रवाई शनिवार देर रात से शुरू होकर रविवार सुबह तक करीब साढ़े पांच घंटे तक चली। इसके बाद से थर्मल और बिजली निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। निगम अधिकारियों में मंत्री की इस कार्रवाई का खौफ इस हद तक हो गया है कि कोई भी बिजली निगम या थर्मल का अधिकारी ये तक बताने का तैयार नहीं कि मंत्री ने देर रात क्या कार्रवाई की और किस-किस अधिकारी के घर छापामारी कर उन्हें बिजली चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा।
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मंत्री की करीब साढ़े 5 घंटे की ये रेड शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुई, जो रविवार सुबह करीब 3 बजे तक चली। स्वयं मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की अगुवाई में स्टेट विजिलेंस टीम व कुछ चयनित निगम अधिकारियों की टीम कार्रवाई में शामिल रही। मंत्री भी कार्रवाई के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक थर्मल की सड़कों पर घूमे। मंत्री के छापे की सूचना मिलते ही सभी अधिकारी हक्के-बक्के रह गए। कोई अपनी बिजली की तार को संभाल पाता इससे पहले विजिलेंस टीम उन्हें दबोच चुकी थी।
चर्चा में है कि इस दौरान मंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ये भी चेतावनी दी कि अगर किसी ने मंत्री के इस छापे की किसी को जानकारी दी तो उन्हें खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शायद यही वजह रही कि निगम अधिकारियों से लेकर थर्मल पॉवर प्लांट के अधिकारियों ने भी मंत्री की इस कार्रवाई पर पर्दा डाल दिया है। इस बारे में बिजली निगम मतलौडा डिवीजन के जेई, एसडीओ, एक्सईएन से पूछा गया तो उन्होंने भी कोई जानकारी नहीं कहकर फोन रख दिया।
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बिजली चोरी में चीफ इंजीनियर और प्रिंसिपल के पति इलेक्ट्रिकल इंचार्ज भी शामिल
ऊर्जा मंत्री की रेड में थर्मल के चीफ इंजीनियर और डीएवी स्कूल के अंदर बने प्रिंसिपल के मकान में भी स्ट्रीट लाइट कनेक्शन से डायरेक्ट तार डाल कर बिजली चोरी पकड़ी गई। इसमें खास बात देखने को ये मिली है कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियर ही प्रिंसिपल के पति हैं। जो उनके साथ स्कूल के अंदर मिले रिहायशी मकान में रहते हैं। उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए स्ट्रीट लाइट पोल से बिजली चोरी की। इनके साथ चीफ इंजीनियर पर भी बिजली चोरी के आरोप लगे हैं।
ऐसे कर रहे थे बिजली चोरी
थर्मल के वरिष्ठ पद के अधिकारी जिनमें चीफ इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और कई एसई अपने घरों से एक घरेलू बिजली की तार छतों के जरिए स्ट्रीट लाइट पोल तक ले गए। यहां उन्होंने डायरेक्ट बिजली बनाने वाली सप्लाई जो स्ट्रीट लाइटों को ऑन करने के काम आती थी, यहां कट लगाकर डायरेक्ट चालू कर दी थी। इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री तक पहुंच चुकी थी। शिकायत पर कार्रवाई करने ऊर्जा मंत्री अचानक से औचक निरीक्षण करने पहुंचे और तकरीबन सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बिजली चोरी में संलिप्त पाया।
भाई की सिफारिश लेकर पहुंचे पूर्व मंत्री
चर्चा में है कि पूर्व परिवहन मंत्री के भाई भी थर्मल में वरिष्ठ पदाधिकारी हैं। उनके घर पर ऊर्जा मंत्री के छापे की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री मौके पर पहुंचे। इसके बाद ऊर्जा मंत्री से उन्होंने छापे के विषय में बातचीत भी की, इसके बाद क्या हुआ किसी को नहीं पता। हालांकि पूर्व मंत्री के मौके पर पहुंचने और उनके भाई के लिए सिफारिश करने तक की किसी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि या आरोप नहीं लगाया है, लेकिन उनका थर्मल में छापे के वक्त पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
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सीएम को सौंपी रिपोर्ट
थर्मल की रेड संबंधी पूरी रिपोर्ट मैंने सीएम साहब को दे दी है। इस पर आगामी कार्रवाई सीएम साहब के निर्देश पर ही होगी।
-रणजीत सिंह चौटाला, ऊर्जा मंत्री
मामला संज्ञान में नहीं
ऊर्जा मंत्री के पानीपत दौरे या छापे की कोई जानकारी हमारे संज्ञान में नहीं है। इसलिए इस विषय के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
-जेएस नारा, एसई, बिजली निगम, पानीपत।
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