पानीपत। पानीपत कहने को टेक्सटाइल हब है लेकिन यहां निर्यातकों व उद्यमियों को कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही। उद्यमी अपने स्तर पर ही उद्योग चला रहे हैं।
टेक्सटाइल कमेटी का कार्यालय पानीपत की बजाय गुरुग्राम बना दिया वहीं निटरा की पानीपत में लैब बना दी। यहां करोड़ों की मशीन लगा रखी हैं लेकिन स्टाफ तक को मशीनों की जानकारी नहीं है। ऐसे में मशीनों को जंग लग चुका है। वहीं जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। वीवर्स सेंटर भी केवल नाम का रह गया है।
ये सब समस्याएं निर्यातकों ने शुक्रवार को कपड़ा मंत्रालय सचिव नीलम शम्मी राव (आईएएस ) के सामने रखी। वे शुक्रवार को पानीपत में एक दिवसीय दौरे पर थी। उन्होंने सेक्टर-25 स्थित होटल डेज में हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया व पानीपत एक्सपोर्टर एसोसिएशन के बैनर तले उद्योगपतियों के साथ चर्चा की। उन्होंने टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। एसडीएम मनदीप सिंह ने उनका बुकें देकर स्वागत किया।
कपड़ा मंत्रालय सचिव ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में जाकर उद्योगपतियों की समस्याओं व उपलब्धियां को समझा है। राज्य के अधिकारियों के साथ एमएसएमई, कॉमर्स विभाग व टेक्सटाइल मंत्रालय के अधिकारियों के आपस में बातचीत कर पानीपत की इंडस्ट्री को ऊंचाइयों तक ले जाने पर चर्चा हुई।
एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल ने कहा कि 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला जेएडएलडी लिए बनाने की मांग रखी है। इस अवसर पर हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा, हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल, डाइंग एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा आदि मौजूद रहेे।