- 12 घंटे की बजाय 8 घंटे की ड्यूटी हो।
- वेतन भुगतान हर महीने 1 से 7 तारीख के बीच हो।
- IOCL के बोर्ड रेट के अनुसार वेतन और बेसिक सैलरी मिले।
- दुर्घटना में मृतक के परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी।
- ओवरटाइम का डबल भुगतान।
- सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय छुट्टियां मिलें।
- ड्यूटी 26 दिनों की हो।
- रिफाइनरी के पास अस्पताल, सस्ती कैंटीन, पीने का पानी और शौचालय की व्यवस्था।
- PF कटौती सही ढंग से हो और ईएसआई कार्ड सभी मजदूरों को मिले।
- ठेकेदारों द्वारा मांगों का पालन न करने पर FIR और ब्लैकलिस्टिंग।
यह प्रदर्शन सोमवार से शुरू हुआ था, जब हजारों मजदूरों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया, कई गाड़ियां तोड़ीं और CISF को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। बुधवार को भी स्थिति बिगड़ने पर वाहन तैनात किए गए हैं। एसडीएम, डीएसपी और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, जो मजदूरों को काम पर लौटने की अपील कर रहे हैं।