पानीपत। पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए डॉ अंसारी।
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पानीपत। सरकार की ओर से मंजूर राशि से दोगुने में शहर की सफाई का टेंडर दिए जाने से एक बाद फिर विरोध शुरू हो गया है। नगर निगम ने मंगलवार को दो जोन में शहर की सफाई के टेंडर की फाइनेंशियल बिड खोली। 3.53 करोड़ रुपये प्रतिमाह में गणेश इंटरप्राइजेज को टेंडर दे दिया गया। इसके साथ ही टेंडर, इसकी प्रक्रिया और नगर निगम अधिकारियों पर आरोप लगाना शुरू हो गया। टेंडर लेने से चूके पुराने ठेकेदार डॉ. मुनीष अहमद अंसारी विरोध में उतर आए। उन्होंने प्रेसवार्ता की, जहां टेंडर लेने वाली फर्म, उसकी सहयोगी फर्म और नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.60 करोड़ रुपये प्रतिमाह का बजट निर्धारित किया है, जिसे नगर निगम अधिकारियों ने 3.53 करोड़ पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि वह सरकार की ओर से निर्धारित बजट में सफाई का काम करा सकते हैं, इसके बावजूद उन्हें टेंडर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अन्य एजेंसी ने उनकी एजेंसी के दस्तावेज धोखे से लगाकर टेंडर लेने वाली फर्म को फायदा पहुंचाया है। इसकी शिकायत निगम आयुक्त से कर चुके हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सीआईडी, सीबीआई, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री, विधायक और सांसद से भी शिकायत करेंगे। हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
डेढ़ से पौने दो करोड़ में ही दोनों जोन की सफाई करवाने को तैयार
डॉ. मुनीष अहमद अंसारी ने कहा कि गणेश इंटरप्राइजेज को फाइनेंशियल बिड में एक जोन का टेंडर 1.65 करोड़ और दूसरे जोन का टेंडर 1.87 करोड़ का मिला है। चाहर एजेंसी ने एक जोन के लिए 1.67 करोड़ और दूसरे जोन के लिए 1.89 करोड़ भरे थे। इनमें से कम रेट वाली गणेशा को 3.53 करोड़ में टेंडर दे दिया है। यह तब किया गया जबकि वह डेढ़ से पौने दो करोड़ में ही दोनों जोन की सफाई करवाने के लिए तैयार हैं। टेंडर पांच वर्ष के लिए है और प्रतिवर्ष बजट 10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। इस हिसाब से नगर निगम को एक वर्ष में 18 करोड़ और पांच साल में 120 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी टेंडर में कर्मचारियों और मशीन का जिक्र तक नहीं है।
नियमानुसार खोला गया टेंडर
निगम अधिकारियों की कमेटी ने इस टेंडर को नियमानुसार खोला है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितताएं नहीं है। अगर किसी को टेंडर प्रक्रिया पर आपत्ति है तो वह दर्ज करा सकता है। कोर्ट तक जाने का अधिकार भी सभी के पास है। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत