माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला परिषद के 10 सदस्यों ने आगे आकर अध्यक्ष का चुनाव कराने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि करीब तीन महीने से अध्यक्ष नहीं हैं। ऐसे में जिला परिषद के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अध्यक्ष के न होने पर हाउस की बैठक तक नहीं बुलाई जा सकी है। अध्यक्ष के चुनाव की मांग एकाएक उठने के बाद जिले की राजनीति में फिर से सरगर्मी बढ़ गई है।
जिला परिषद के 10 सदस्यों ने वीरवार को जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. किरण को पत्र सौंपा। पार्षदों ने कहा कि जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल को 26 जून को पद से हटा दिया था। यह तब से रिक्त है। अध्यक्ष न होने पर हाउस की बैठक नहीं बुलाई जा सकी है। जिसके चलते विकास कार्य ठप पड़े हैं। ग्रामीण विकास कार्यों की लगातार मांग कर रहे हैं। अध्यक्ष के बिना बैठक बुलाई नहीं जा रही है।
ये पार्षद आए आगे
जिप उपाध्यक्ष आर्य सुरेश मलिक, वार्ड-16 से पूजा, वार्ड-10 से राजेश, वार्ड-9 से ज्योति शर्मा, वार्ड-17 से ज्योति, वार्ड-सात से सुदेश रानी, वार्ड-3 से अन्नु, वार्ड छह से जगबीर सिंह, वार्ड 12 से नारायण दत्त, वार्ड से सुंदर छौक्कर शामिल रहे।
यह है मामला
जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जिला परिषद की अध्यक्ष काजल देशवाल ने वार्ड-13 में आरक्षित वार्ड पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा है। पंचायत विभाग के निदेशक ने इसकी जांच कराई। एडीसी डॉ. पंकज ने प्रथम दृष्टया में सामने आने पर काजल देशवाल का बीए-ए जाति का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया था। पंचायत विभाग के निदेशक ने प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर 26 जून को काजल देशवाल की सदस्यता रद्द कर दी थी। उन्होंने इसके बाद पंचायत विभाग के एसीएस को अपील की। एसीएस ने भी निदेशक के फैसले को सही माना था।