सनौली। सोमवती अमावस्या पर परिवार के साथ यमुना नदी के सनौली घाट पर स्नान करने पहुंचा जींद के खेड़ा खेमावती गांव के 16 वर्षीय किशोर गहरे पानी में डूब गए। किशोर के डूबने की सूचना पर हरियाणा और यूपी पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन किशोर का कोई पता नहीं चल सका। उधर, परिजनों ने पुलिस व प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जींद के गांव खेड़ा खेमावती निवासी बलविंदर सोमवार को अपने भाई गजे सिंह और 16 वर्षीय बेटे शुभम व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सोमवती अमावस्या यमुना नदी में स्नान करने आए थे। दोपहर करीब दो बजे परिवार के लोग यमुना में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान शुभम यमुना के नए ब्रिज के पिलर के पास पहुंच गया। जहां अचानक वह गहरे कुंड में चला गया और डूब गया। किशोर के डूबते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शोर सुनकर मौके पर मौजूद गोताखोरों ने तुरंत यमुना नदी में छलांग लगाकर उसकी तलाश शुरू कर दी।
हादसे की सूचना पर यूपी के कैराना तहसील के नायब तहसीलदार सतीश यादव, कैराना थाना प्रभारी समयपाल अत्री, सनौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों ने परिजनों को जल्द तलाश कराने का भरोसा दिलाया और गोताखोरों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। परिजनों ने बताया कि शुभम दसवीं का छात्र है और दो भाइयों में छोटा है। उसके पिता बलविंदर मजदूरी करते हैं। देर शाम तक छात्र का कोई सुराग नहीं लग सका था।
प्रशासन की लापरवाही से हुआ हादसा : सोमवती अमावस्या पर यमुना घाट पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। इस बार श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर स्नान कराने के लिए घाट पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं की गई थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि घाट पर बैरिकेडिंग होती तो यह हादसा टल सकता था।