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लर्निंग क्लासेस में टीचर्स सीखेंगे टेक्नीक, ऑनलाइन हाईब्रिड लर्निंग ट्रेनिंग का पहला बैच शुरू

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पानीपत। सीबीएसई बोर्ड कोविड के बाद विद्यार्थियों के साथ अध्यापकों को कुछ न कुछ नया सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण कार्य के दौरान अध्यापकों को रोजाना नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चुनौतियों से कैसे निपटाना है, इसे लेकर सीबीएसई की ओर से अध्यापकों के लिए हाईब्रिड ट्रेनिंग का शेड्यूल बनाया गया है। इसलिए सीबीएसई ने विद्यार्थियों की क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, बढ़ाने के लिए पहली बार प्रिसिपलों और स्कूल के मुखिया को ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। ट्रेनिंग प्रोग्राम में शहर के विभिन्न स्कूलों के अलग-अलग विभाग के अध्यापक शामिल होंगे। 19 मई से ट्रेनिंग के पहले बैच की ऑनलाइन ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। इस दौरान शिक्षकों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षण कार्य करने के टिप्स दिए जाएंगे। ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने के लिए सीबीएसई बोर्ड ने प्रमुख 12 हजार बोर्ड से संबंधित स्कूलों को लिंक भेज पंजीकरण करने का मौका दिया था। प्रिंसिपलों को इस ट्रेनिंग में रोडमैप और स्टेक होल्डर तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही मॉडल स्कूल बनाने की जानकारी भी दी जाएगी। सीबीएसई की जिला को-ऑर्डिनेटर विनीता तोमर ने कहा कि बोर्ड ने माइक्रोसॉफ्ट एजुकेशन एंड टेक अवंत कार्डे, ग्लोबल माइक्रोसॉफ्ट से इसके लिए करार किया है। इसके बाद शिक्षकों के लिए हाईब्रिंड लर्निंग ट्रेनिंग की योजना बनाई गई है।
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यह कार्यक्रम दो महीनों में आयोजित होंगे। यह कार्यक्रम 19 मई से चार बैच में शुरू होंगे। दो दिनों की ट्रेनिंग ऑनलाइन होगी, जो डेढ़ घंटे चलेगी। वेबिनार को पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। प्रशिक्षण के लिए पहला बैच 19 से 20 मई, दूसरा बैच 24 से 25 मई, तीसरा बैच दो से तीन जून और चौथा बैच 10 से 11 जून तक चलेगा।
स्कूल प्रमुखों के प्रोफेशनल विकास के लिए यह ट्रेनिंग होगी। स्कूल प्रमुखों को अन्य एजुकेशनल संस्थानों, स्कूलों और संस्थाओं के साथ काम करने और अपनी मैथडोलाजी विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वर्तमान में विद्यार्थी को जिंदगी में काम आने वाली स्किल्स, क्रिटिकल थिंकिंग, सहयोग, क्रिएटिविटी, आत्म जागरूकता, आत्म प्रबंधन, सही निर्णय लेने की क्षमता के लिए लीडर बनाना है। बोर्ड की ओर से प्रिसिपलों और स्कूल हेड्स को रिमोट, ब्लेंडेड और हाइब्रिड लर्निंग के लिए ट्रेनिग दी जाएगी। प्रिसिपलों को इस ट्रेनिंग में विजन विकास और रोडमैप तैयार करना, स्टेकहोल्डर तैयार करना, मॉडल स्कूल बनाना, रियल टाइम स्टडीज जैसे विषयों के बारे में बताया जाएगा।
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