पानीपत। 18 सूत्री मांगों को लेकर 49 दिन से लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे दिव्यांगों के सब्र का बांध आखिरकार बृहस्पतिवार को टूट ही गया। जब इन दिव्यांगों से कोई बात करने नहीं पहुंचा तो इन्होंने जीटी रोड पर प्रदर्शन करते पैदल मार्च तक निकाला। इससे रोड पर लंबा जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और दिव्यांगों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन दिव्यांग जीटी रोड पर मार्च निकालते रहे। काफी मशक्कत के बाद जीटी रोड को सुचारु रूप से चलवाया गया। इस दौरान दिव्यांग प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और जीटी रेेड स्थित शहरी विधायक प्रमोद के कार्यालय पर उनसे मुुलाकात भी की।
शहरी विधायक के कार्यालय के समाने दिव्यांग सरकार विरोध नारे लगाने लगे तो विधायक ने कहा कि अगर वे सरकार विरोधी नारे लगाएंगे तो वे उनका ज्ञापन तक स्वीकार नहीं करेंगे और न ही मुख्यमंत्री तक उनकी मांग पहुंचाएंगे। इसके बाद दिव्यांग शांत हुए और विज ने उनका ज्ञापन स्वीकार करते हुए सीएम से उनकी मांगों को लेकर बात करने का आश्वासन दिया।
विकलांग उत्थान समिति के महासचिव अश्वनी ने बताया कि उन्हें सड़कों पर उतरने का शौक नहीं है लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं है। उनके हाथों पर कब्जा किया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो वे मुख्यमंत्री और अनेक मंत्रियों से मिल चुके हैं और आज शहरी विधायक प्रमोद से भी मिले हैं जिन्होंने अन्य नेताओं और मंत्रियों की तरह कोरा आश्वासन ही दिया है। उन्होंने कहा अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो यह आंदोलन क्रांतिकारी आंदोलन होगा। इसके विरोध में वे मुंडन तक करवाएंगे।
प्रमुख मांगें
- निशक्त आयोग की राज्य स्तरीय समिति में उनके तीन सदस्य शामिल किए जाएं
- विकलांग कल्याण और उत्थान समिति बने
- डीसी रेट पर दिव्यांगों को नौकरी दी जाए
- जिनके कच्चे मकान हैं, उन्हें पक्का किया जाए
- ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए अलग से शिविर लगाए जाएं