डायट संस्थान में शिविर में प्रशिक्षण लेते कला अध्यापक व केलीग्राफ़ी के जानकारी देते हुए सुधीर
पानीपत। जिला शिक्षा प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में जिले के विभिन्न स्कूलों के ललित कला प्राध्यापकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। प्रशिक्षण शिविर में ललित कला प्राध्यापकों को कला समेकित शिक्षण, कैलीग्राफी, विद्यालय में कला का महत्व, कला का अन्य विषयों के साथ संबंध, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में जानकारी, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास बारे जानकारी, विभिन्न लोक क्लासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। तीसरे दिन ललित कला प्राध्यापकों को प्रयोगात्मक तरीके से अनुभव प्रदान किया गया। शिविर में मास्टर ट्रेनर रितु शर्मा, कमलेश देवी और सुधीर शर्मा ने विभिन्न विषयों की जानकारी दी। डाइट प्राचार्य सुभाष चंद्र भारद्वाज ने बताया कि एक अध्यापक को पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए। एक शिक्षक ही वास्तव में राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका अदा करता है। समय का उचित प्रबंधन एक शिक्षक के लिए आवश्यक होता है।
मास्टर ट्रेनर रितु शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नवाचार के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान होता है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एक दूसरे से संवाद करने और सीखने का मौका मिलता है। इस दौरान शिक्षकों को कक्षा विषय की बारीकियों और महत्त्व के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागी प्राध्यापिका सुरेखा रानी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान हमें कैलीग्राफी के नए तरीके सीखने को मिले। कला और संस्कृति के संबंध में विभिन्न विषयों के बारे में चर्चा की गई। कलात्मक ढंग से अक्षरांकन सीखाया गया।