समालखा। पश्चिम बंगाल की बेटी सुष्मिता डे दिन-रात सड़कों पर सफर कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं। रविवार को वह समालखा पहुंचीं व शाम तक करनाल पहुंचने का संकल्प लेकर रवाना हुईं। एक दिन में 70 से 80 किलोमीटर साइकिल चलाकर वह अपना सफर तय करती हैं।
सुष्मिता ने बताया कि वह ललित कला से बीए हैं। डिग्री के बाद वह चित्रकारी में लग गई। वह अपने पिता की इकलौती संतान हैं। परिजनों ने उसे महिलाओं को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। 18 जून को घर से अपने अभियान पर अकेली निकल गईं। बंगाल, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश व दिल्ली होते हुए वह हरियाणा आई हैं। हरियाणा होते हुए वह पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल और लेह-लद्दाख तक जाएंगी। लद्दाख के लोगों को भी महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरित करेंगी। संवाद