पानीपत। लाल बत्ती के पास स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के लैब में प्रैक्टिकल करते वक्त सल्फ्यूरिक गैस का ग्लास नीचे गिर गया। इससे गैस लीक होकर लैब में फैल गई। गैस के प्रभाव से एक छात्रा की हालत बिगड़ गई। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत लैब के दोनों दरवाजे खोल दिए और छात्रों को वहां से बाहर निकाला। छात्रों को स्कूल में पहले प्राथमिक इलाज देने का प्रयास किया और उन्हें पानी पिलाया। हालत में सुधार नहीं हुआ तो छात्रों को सिविल अस्पताल लाया गया। गैस के प्रभाव छात्रा पर अधिक था। इसलिए उसे इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में सोमवार को विज्ञान की प्रदर्शनी थी। 11 वीं के छात्र दूसरे लेक्चर के दौरान सांइस लैब में चार-चार के ग्रुप में प्रैक्टिकल कर रहे थे। लैब में छात्र छात्राएं खाने में रंग देने वाले केमिकल पर प्रयोग कर रहे थे। प्रयोग के दौरान सल्फ्यूरिक गैस का ग्लास नीचे गिर गया और गैस का अत्याधिक रिसाव हो गया। यहां प्रैक्टिकल कर रही 11 वीं की छात्रा तनीषा की गैस चढ़ने से तबीयत बिगड़ गई। उसको अत्याधिक खांसी हुई और सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होने लगी। छात्रों ने इस बारे में लैब इंचार्ज को बताया। उन्होंने छात्रा को लैब से बाहर निकाला। उसे स्कूल में प्राथमिक उपचार दिया गया। पानी पिलाया गया। पांच मिनट तक भी कोई फर्क न पड़ने पर उसे बिना देरी किए सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां आधा घंटा डॉक्टरों ने इलाज किया, अपनी निगरानी में रखा। हालत में सुधार नहीं हुआ तो छात्रा तनीषा को तुरंत रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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गैस का फेफड़ों पर होता है बुरा प्रभाव-
सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. अंकुश कुंडू ने बताया कि साइंस लैब में एक्सपेरिमेंट करते वक्त सल्फ्यूरिक एसिड नीचे गिर गया। जिससे गैस फैल गई। छात्रा के शरीर में गैस प्रवेश कर गई। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। छात्रा के गले में जलन और सांस लेने में दिक्कत थी। इसी दिक्कत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। इस गैस से फेफड़ों पर सबसे पहले और सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है।