सुबह के समय खेतों में छाई धुंध। संवाद
पानीपत। पहाड़ों में बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र के मौसम में बदलाव आ गया है। तेज हवाओं के चलने के साथ अधिकतम और न्यूनतम तापमान एक-एक डिग्री कम हो गया है। अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम सात पर आ गया है। ऐसे में सुबह व शाम के साथ दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों ने शनिवार को हल्के बादल छाने की संभावना जताई है।
वीरवार को मौसम में व्यापक स्तर पर बदलाव देखा गया। सुबह ही करीब 12 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा शुरू हो गई। दोपहर के समय हवा की गति 16 किलोमीटर प्रतिघंटे पर पहुंच गई। यह शाम को कुछ कम होकर 13 किलोमीटर प्रतिघंटे पर चली। हवा चलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी कमी दर्ज की। बुधवार की अपेक्षा अधिकतम तापमान 22 से कम होकर 21 और न्यूनतम तापमान आठ से कम होकर सात डिग्री पर आ गया। हवा चलने से दिन के समय धूप निकलने के बाद भी सर्दी का अहसास हुआ। जिले में शाम के समय हवा के चलते ठिठुरन बढ़ गई। लाेगों के हाथ व पांव ठंडे पड़ गए। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी के चलते मौसम में बदलाव हो रहा है। इससे मैदानी क्षेत्र में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। शनिवार को आसमान में सुबह से ही हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं। ऐसे में ठंड और बढ़ सकती है।
गेहूं में पानी देने का उचित समय
कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि सर्दी गेहूं और सरसों के लिए फायदेमंद है। किसानों को इस समय गेहूं की फसल की पहली सिंचाई कर देनी चाहिए। इससे फसल में फुटाव व बढ़ाव दोनों होंगे। शहरमालपुर गांव के किसान प्रदीप व संदीप ने बताया कि गेहूं की फसल की पहली सिंचाई शुरू कर दी है। इसके साथ खाद भी लगाया जा रहा है।
-मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार से बात