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Panipat News: विद्यार्थी बनेंगे जल प्रहरी, सिखाएंगे पानी बचाने का पाठ

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पानीपत। जल संकट से निपटने और भावी पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2025-26 के दूसरे चरण के अंतर्गत प्रदेश के 22 जिलों के 383 सरकारी विद्यालयों में विशेष गतिविधियां शुरू की हैं। इस अभियान के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, हरियाणा को 15 लाख 32 हजार रुपये की राशि जारी की गई है।
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निर्देशों के अनुसार यह कार्यक्रम पूरी तरह विद्यालय आधारित होगा और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चयनित विद्यालयों में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार गतिविधियां समयबद्ध रूप से कराई जाएं।

पानीपत जिले के 5 खंडों के 15 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को इस अभियान में शामिल किया गया है। प्रत्येक विद्यालय को 4 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी, जिससे जिले को कुल 60 हजार रुपये का बजट मिला है। स्कूलों में जल बचाओ अभियान, वर्षा जल संचयन, जागरूकता रैली, पोस्टर निर्माण, भाषण, निबंध और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जल संरक्षण का महत्व समझाया जाएगा।
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योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यालय में एक विज्ञान अध्यापक को नोडल शिक्षक नियुक्त किया जाएगा।
नोडल शिक्षक गतिविधियों के आयोजन, विद्यार्थियों की सहभागिता, रिपोर्ट तैयार करने और उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए जिम्मेदार होगा। गतिविधि पूर्ण होने के बाद विद्यालयों को निर्धारित च तिथि तक रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाण पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।


जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए प्रभाव
शिक्षा विभाग ने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखना चाहिए। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसे सख्ती से लागू करें। शिक्षा विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जल संरक्षण जैसे गंभीर विषय को विद्यालय स्तर से जोड़कर समाज में स्थायी बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिले के चयनित विद्यालय
खंड बापौली- जीएसएसएस खोजकीपुर, जीएसएसएस सनौली खुर्द, एएमएसएसएसएस छाजपुर।
खंड इसराना- जीजीएसएसएस नौल्था, जीजीएसएसएस इसराना, जीएसएसएस अहर।
खंड मतलौडा- जीएसएसएस उरलाना कलां, जीएसएसएस अलुपुर नैन, जीएसएसएस सिठाना।
खंड पानीपत- जीएसएसएस सौदापुर, जीएसएसएस काबड़ी, जीएसएसएस कृष्णपुरा।
खंड समालखा- जीजीएसएसएस राक्सेड़ा, जीएसएसएस किवाना, जीएसएसएस चुलकाना।


वर्जन-
राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह (आरएएस) 2025-26 के अंतर्गत चरण-2 में जिले के चयनित 15 विद्यालयों में जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियां सफलतापूर्वक प्रारंभ हो चुकी हैं। छात्रों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल बचत और जागरूकता से जुड़े नवाचारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित हो रही है।
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- संदीप संभ्रवाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ ।
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