संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में 2 से 8 अक्तूबर तक मनाए गए राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया ताकि वे पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों की सुरक्षा को लेकर संजीदा हो और इनकी रक्षा को सुनिश्चित करें। पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रमों का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने किया। उनके साथ प्राणी शास्त्र विभाग से डॉ. प्रियंका चांदना, डॉ. राहुल जैन और वनस्पति शास्त्र विभाग से डॉ. रवि कुमार ने कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कार्यक्रमों में बीएससी मेडिकल के साथ-साथ कॉलेज के लगभग 250 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि वनों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर ताल-मेल से हम लुप्त हो रहे पेड़-पौधों, सुक्ष्म जीवों, जंगली जानवरों और पक्षियों का संरक्षण कर सकते हैं। इसी उद्देश्य सेउ हर वर्ष 2 से 8 अक्तूबर वन्य जीव संरक्षण सप्ताह आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह देश का 71वां वन्य जीव सप्ताह है। इस बार के राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण सप्ताह का थीम मानव-वन्य जीव सह-अस्तित्व है। कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र विद्यार्थियों की ओर से पक्षी आवास स्थापना करना रहा। जिससे पक्षियों को सुरक्षित आवास मिल सके। वन्य जीव संरक्षण सप्ताह कॉलेज में स्थापित पर्यावरण बचाओ सोसाइटी के तत्वाधान में मनाया गया। उन्होंने कहा कि वन्य जीव सप्ताह सिर्फ नारे लगाने से नहीं सफल होगा बल्कि इसको सफल बनाने के लिए हमें वन्य जीवों को स्वयं के अस्तित्व से जोड़कर देखना होगा।
डॉ. राहुल जैन ने कहा कि जब से इंसान ने अपनी भौतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जैव विविधता के साथ छेड़छाड़ और बे-लगाम दोहन शुरू किया है, तभी से वन्य प्राणियों के अस्तित्व के लिए संकट पैदा हो गया है। हमारी लालच भरी करतूतों का ही यह परिणाम है कि पृथ्वी पर उपस्थित वन्य प्राणियों के विलुप्त होने का खतरा मंडराने लगा है।
एसडी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प
एसडी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प
एसडी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प